अंतरराष्ट्रीय

रूस-यूक्रेन युद्ध: वाइल्डबेरीज के दो गोदामों पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, 10 लोग घायल; कई मोर्चों पर तेज हुआ संघर्ष

कीव, यूक्रेन

रूस और यूक्रेन के बीच ढाई वर्ष से अधिक समय से जारी युद्ध में बुधवार को एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज (Wildberries) के दो प्रमुख गोदामों पर ड्रोन हमला किया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं, कंपनी की प्रमुख तात्याना किम ने बताया कि हमले में एक महिला की मौत हुई है और तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। अलग-अलग स्रोतों में हताहतों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के क्रैस्नोडर और नेविनोमिस्क स्थित वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाया। हमले के बाद दोनों परिसरों में भीषण आग लग गई और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा। स्थानीय प्रशासन ने दमकल और आपदा राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराकर जांच शुरू कर दी।

यूक्रेन लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि वाइल्डबेरीज के कुछ गोदामों का उपयोग रूस की सेना के लिए ड्रोन उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और अन्य सैन्य रसद के भंडारण व आपूर्ति के लिए किया जा रहा है। हालांकि रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी की ओर से भी इस तरह की किसी सैन्य गतिविधि की पुष्टि नहीं की गई है। चार दिन पहले भी कंपनी के दो अन्य ठिकानों पर हुए हमलों में आठ लोगों की मौत हुई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी गई थी।

इसी बीच यूक्रेन ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने पिछले 48 घंटों में अजोव सागर में रूस के 13 मालवाही जहाजों को निशाना बनाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को कमजोर करना और युद्ध सामग्री की आवाजाही को प्रभावित करना है। हालांकि रूस ने इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और स्वतंत्र एजेंसियां भी इनकी पुष्टि नहीं कर सकी हैं।

दूसरी ओर रूस ने पूर्वी यूक्रेन में अपनी सैन्य बढ़त जारी रखते हुए खार्कीव और जपोरीजिया क्षेत्रों के दो और गांवों पर कब्जा करने का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन क्षेत्रों पर नियंत्रण से उसकी रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई है और आगे की कार्रवाई में मदद मिलेगी। वहीं यूक्रेन की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

युद्ध के बीच रूस ने उत्तरी यूक्रेन के चार्निहीव क्षेत्र में स्थित एक बिजलीघर पर भी हवाई हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में बिजली उत्पादन केंद्र को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे करीब एक लाख लोग बिजली आपूर्ति से वंचित हो गए। ऊर्जा विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में ड्रोन युद्ध इस संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। दोनों देश अब केवल सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि ऊर्जा संयंत्रों, गोदामों, पुलों और रसद नेटवर्क को भी निशाना बना रहे हैं। इसका सीधा असर दोनों देशों की सैन्य क्षमता और नागरिक जीवन पर पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच इस प्रकार के हमले लगातार जारी रहे तो संघर्ष और लंबा खिंच सकता है। फिलहाल दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दे रहा है, लेकिन फिलहाल युद्ध के कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है।

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