NEET-UG पेपर लीक विवाद पर सियासी संग्राम: कांग्रेस-भाजपा के देशव्यापी प्रदर्शन, कई शहरों में झड़पें और हिरासत

नई दिल्ली, दिल्ली
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को राजनीतिक माहौल भी पूरी तरह गर्म हो गया। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अलग-अलग राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और जवाबी प्रदर्शन आयोजित किए। कई शहरों में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, नारेबाजी और हल्की झड़पें हुईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने-अपने प्रदेश अध्यक्षों तथा वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में राज्य मुख्यालयों और जिला स्तर पर प्रदर्शन किए। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने प्रतिद्वंद्वी दल के कार्यालयों तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाने लगे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
भाजपा ने अपने प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने तथा अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना था कि विपक्ष युवाओं की भावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहता है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई शहरों में प्रदर्शन करते हुए विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए और सरकार के समर्थन में अपनी बात रखी।
दूसरी ओर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कई राज्यों में पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कठोर व्यवहार किया और उन्हें अनावश्यक रूप से हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान कई शहरों से पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की तस्वीरें सामने आईं। प्रशासन ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। अधिकांश स्थानों पर स्थिति कुछ समय बाद सामान्य हो गई और यातायात भी बहाल कर दिया गया।
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच पहले से ही असंतोष बना हुआ है। छात्र संगठनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू की जाए। कई छात्र संगठन परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे ने अब राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रमुख स्थान बना लिया है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली में विफलता का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि विपक्ष छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। छात्र, अभिभावक और विभिन्न संगठन अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट तथा सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।



