होर्मुज पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने, ट्रंप बोले- स्टील की दीवार खड़ी है; तेहरान ने नहीं मानी हार

वॉशिंगटन, अमेरिका
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका का इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को ‘स्टील की दीवार’ बताते हुए कहा कि अमेरिका इस नियंत्रण को बनाए रखेगा।
ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने कोई कदम उठाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने ईरानी नेतृत्व की सैन्य क्षमता पर भी सवाल उठाया।
हालांकि ईरान ने अमेरिकी दावे को खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि होर्मुज को लेकर अंतिम फैसला उसकी शर्तों और अमेरिका के रवैये पर निर्भर करेगा। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक समुद्री मार्ग को लेकर मौजूदा गतिरोध खत्म नहीं होगा।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बेहद कम
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन करीब 130 से 140 जहाज गुजरते थे। लेकिन मंगलवार को सिर्फ आठ जहाजों के गुजरने की जानकारी सामने आई।
जहाजों की आवाजाही में इतनी बड़ी गिरावट से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। समुद्री कंपनियां सुरक्षा जोखिम और संभावित सैन्य कार्रवाई को देखते हुए इस रास्ते से दूरी बना रही हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध
युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों की स्थिति में अभी बड़ा अंतर बना हुआ है। पाकिस्तान इस गतिरोध को खत्म कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान पहुंचकर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। पाकिस्तान का कहना है कि वह क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहाल कराने की कोशिश कर रहा है।
लाल सागर में भी जहाज निशाने पर
होर्मुज के अलावा लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में भी समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ईरान समर्थित हूती समूह पर एक व्यापारिक जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगा है। इस हमले में छह लोगों की मौत हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 88.91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही कब सामान्य होती है और दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं।
