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Flight Ticket Price Hike: त्योहारी सीजन में हवाई किराया आसमान पर, इन रूट्स पर 340% तक बढ़े दाम

नई दिल्ली, दिल्ली

नई दिल्ली। दिवाली और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहारों से पहले हवाई टिकटों के किराये में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। देश के कई प्रमुख घरेलू हवाई मार्गों पर त्योहारी सीजन की मांग बढ़ने के साथ टिकट की कीमतें कई गुना तक पहुंच गई हैं। कुछ रूट्स पर सामान्य दिनों की तुलना में किराये में करीब 340 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा असर उन यात्रियों के बजट पर पड़ रहा है, जो त्योहारों के दौरान अपने घर या परिवार से मिलने के लिए हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन रूट्स पर सीधी उड़ानों की संख्या सीमित है या जहां प्रतिस्पर्धा कम है, वहां किराये में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिल रहा है। सीटों की उपलब्धता घटने के साथ एयरलाइंस के डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत बचे हुए टिकट महंगे होते जाते हैं।

कोलकाता-देवघर रूट पर सबसे बड़ा उछाल

त्योहारी सीजन में कोलकाता से देवघर जाने वाली उड़ान का किराया सबसे ज्यादा बढ़ने वाले रूट्स में शामिल है। सामान्य दिनों में इस रूट पर टिकट करीब 2,800 रुपये में मिल जाता है, लेकिन दुर्गा पूजा की पीक तारीखों में यही किराया बढ़कर 12,500 रुपये से अधिक पहुंच गया है।

इसी तरह दिल्ली से पटना के बीच नॉन-स्टॉप इकोनॉमी टिकट सामान्य दिनों में करीब 3,500 से 4,500 रुपये में मिल जाता है। हालांकि, त्योहारी मांग बढ़ने के बाद इसका किराया 12,500 रुपये से ऊपर पहुंच गया है। आखिरी समय में बुकिंग करने पर यात्रियों को 13,500 रुपये से अधिक भी खर्च करने पड़ सकते हैं।

दिल्ली-अगत्ती रूट पर भी किराये में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में करीब 8,500 रुपये का टिकट अब लगभग 25,000 रुपये तक पहुंच गया है।

बेंगलुरु से झारसुगुड़ा जाने वाले यात्रियों को भी त्योहारों के दौरान अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। इस रूट पर सामान्य किराया करीब 4,200 रुपये बताया गया है, जबकि दिवाली के आसपास टिकट की कीमत 16,200 रुपये से अधिक हो गई है।

मुंबई-बरेली रूट पर भी किराये में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सामान्य दिनों में करीब 4,500 रुपये का टिकट अब लगभग 15,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं मुंबई-कोलकाता रूट पर दुर्गा पूजा के पीक दिनों में किराया 11,500 से 14,500 रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है, जबकि सामान्य दिनों में यही यात्रा करीब 5,000 रुपये में की जा सकती है।

सीटें भरने और ईंधन महंगा होने से बढ़ा किराया

हवाई टिकटों की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। एयरलाइंस आमतौर पर डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल का इस्तेमाल करती हैं। जैसे-जैसे किसी उड़ान की सीटें बुक होती जाती हैं, उपलब्ध सीटों की कीमत बढ़ती जाती है। त्योहारी सीजन में मांग अचानक बढ़ने के कारण यह असर और अधिक दिखाई देता है।

इसके अलावा विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में बढ़ोतरी भी एयरलाइंस की लागत पर असर डालती है। 1 सितंबर से ATF की कीमत में 5.46 प्रतिशत की वृद्धि की गई और यह 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई। विमान संचालन की कुल लागत में ईंधन का हिस्सा करीब 35 से 40 प्रतिशत तक माना जाता है।

ऐसे में त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जल्द बुकिंग करना फायदे का सौदा हो सकता है। जैसे-जैसे यात्रा की तारीख नजदीक आती है और सीटों की उपलब्धता कम होती है, किराये में और बढ़ोतरी होने की संभावना रहती है। हालांकि, वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, उड़ान की उपलब्धता, बुकिंग के समय और एयरलाइन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

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