ब्रिक्स सम्मेलन के बीच पीएम मोदी और गुटेरस की अहम बैठक, वैश्विक संघर्षों से लेकर यूएन सुधार तक हुई चर्चा

नई दिल्ली, दिल्ली
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच शुक्रवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने वैश्विक स्तर पर जारी संघर्षों, बहुपक्षीय सहयोग और संयुक्त राष्ट्र में सुधार सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी संघर्षों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए शांति, स्थिरता और प्रभावी बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर चर्चा की। इसके साथ ही बदलती वैश्विक व्यवस्था में बहुध्रुवीयता की भूमिका पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी और गुटेरस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर सहमति जताई। इस दौरान मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
बैठक में केवल सुरक्षा और कूटनीति से जुड़े विषय ही नहीं, बल्कि विकास और तकनीक से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे। दोनों नेताओं ने नौवहन की स्वतंत्रता, सतत विकास, मानव केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री ने बताया कि चर्चा के दौरान भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति, बहुपक्षवाद को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता और संयुक्त राष्ट्र में सुधार जैसे विषय प्रमुख रहे।
संयुक्त राष्ट्र में सुधार भारत की विदेश नीति के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहा है। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद समेत वैश्विक बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की मांग करता रहा है। उसका तर्क है कि मौजूदा संस्थागत ढांचे में आज की वैश्विक वास्तविकताओं और विकासशील देशों की भूमिका को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी और गुटेरस की बैठक ऐसे समय हुई जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष जारी हैं और खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण तथा नई तकनीक से जुड़े विषय वैश्विक एजेंडे में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा ने भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच बहुपक्षीय सहयोग के व्यापक दायरे को रेखांकित किया।



