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लखनऊ। केंद्रीय 8वें वेतन आयोग के विचारणीय विषयों में जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को शामिल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों व शिक्षकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी/पुलिस कमिश्नर के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, जिसकी प्रतियां केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गईं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर हुए इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पेंशनरों के साथ-साथ सेवारत कर्मचारी व शिक्षक संगठनों ने भी भागीदारी कर आंदोलन को मजबूती दी। राजधानी लखनऊ में यह आमसभा वी.एन. सिंह प्रतिमा स्थल पर आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार की नीतियों के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
पेंशन ‘अनफंडेड’ नहीं, बल्कि फंडेड व अंशदायी है
सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि सेवाकाल के दौरान कर्मचारियों का जो वेतन लंबित रखा गया, वही वास्तव में भविष्य में पेंशन के रूप में परिवर्तित हुआ। इसलिए पेंशन को गैर-अंशदायी या गैर-वित्त पोषित बताना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि इसी कारण सरकार वेतन और पेंशन को “कमिटेड एक्सपेंडिचर” की श्रेणी में रखती है।
उन्होंने मांग की कि वित्त विधेयक-2025 में पेंशनरों के बीच तिथि के आधार पर किया गया विभेद समाप्त किया जाए, 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल किया जाए तथा पेंशन को गैर-अंशदायी बताने वाले क्लॉज एफ-3 को तत्काल हटाया जाए।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी.एल. कुशवाहा और महामंत्री ओ.पी. त्रिपाठी ने कहा कि इस आंदोलन में प्रदेशभर से लगभग एक लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी और शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने बताया कि देशभर में पेंशनरों की संख्या लगभग दो करोड़ है और उनके परिवारों सहित यह मुद्दा करीब दस करोड़ लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के बैनर तले आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।
सभा में कई संगठनों की सहभागिता
सभा का संचालन आर.सी. उपाध्याय ने किया तथा अध्यक्षता अंगद सिंह ने की। कार्यक्रम को माध्यमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, पेंशनर महासंघ, राज्य कर्मचारी महासंघ, निगम कर्मचारी महासंघ सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। विभिन्न विभागों—लोक निर्माण, स्वास्थ्य, विकास प्राधिकरण, आवास विकास, जल संस्थान, इंजीनियरिंग कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के सेवानिवृत्त कर्मचारी व शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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