छत्तीसगढ़

रेबीज संक्रमित बकरे का मांस खाने से बचने को ग्रामीणों में चिंता, बलि कर दिया गया बकरा।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में पारंपरिक पूजा के दौरान एक रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा काटे गए बकरे की बलि दी गई। इस बकरे को लगभग 15 अन्य बकरों के साथ पकाया गया और इसके बाद पके मांस को गांव के लगभग 400 लोगों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में रेबीज फैलने की आशंका को लेकर चिंता का माहौल है।

  1. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले की घटना
  2. पूजा का प्रसाद पुरुषों को ही बांटा गया

 छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में पारंपरिक पूजा के दौरान एक रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा काटे गए बकरे की बलि दी गई। इस बकरे को लगभग 15 अन्य बकरों के साथ पकाया गया और इसके बाद पके मांस को गांव के लगभग 400 लोगों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में रेबीज फैलने की आशंका को लेकर चिंता का माहौल है। सरगंवा गांव में हर तीन वर्ष में निकाली पूजाका आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।

इस वर्ष यह पूजा 28 दिसंबर को आयोजित की गई थी। पूजा के दौरान 15 बकरों की बलि दी गई और मांस का वितरण किया गया। पूजा की परंपरा के अनुसार, मांस प्रसाद केवल पुरुषों को दिया जाता है। बलि दिए गए बकरों में से एक बकरे को रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा काटे जाने की जानकारी मालिक ने छिपाई थी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर पीएस मार्को ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय रेबीज रोकथाम कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाक्टर शैलेंद्र गुप्ता सरगंवा जाएंगे।

डॉक्टर सीके मिश्रा, वरिष्ठ पशु चिकित्सक, ने बताया कि रेबीज आमतौर पर संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने या काटने से फैलता है। यदि बकरे का मांस अच्छी तरह पकाया गया है, तो संक्रमण की आशंका कम होती है।

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