राष्ट्रीय

कालीकट विश्वविद्यालय में प्रो-लेफ्ट सदस्य सम्मान डाक्टरेट समारोह का बहिष्कार करेंगे

कालीकट विश्वविद्यालय के प्रो-लेफ्ट सदस्य मंगलवार, 6 अक्टूबर को आयोजित सम्मानित डॉक्टरेट प्रदान समारोह का बहिष्कार करेंगे। इस कार्यक्रम में फिल्म निर्माता सथ्यान अंतिकड, उद्योगपति पी.के. अहमद और वैज्ञानिक ई.डी. जेमिस को सम्मानित किया जाना था।

सम्मानित डॉक्टरेट कार्यक्रम और बहिष्कार के कारण

कार्यक्रम मुख्य परिसर, टेनहिपलम, मालाप्पुरम जिले में होगा, जिसमें सथ्यान अंतिकड एवं पी.के. अहमद को डॉक्टरेट ऑफ लेटर्स (D.Litt.) तथा ई.डी. जेमिस को डॉक्टरेट ऑफ साइंस (D.Sc.) की उपाधि दी जानी थी। हालांकि, प्रो-लेफ्ट सदस्यों ने इस समारोह का विरोध करने का निर्णय लिया है।

संघ के एम.बी. फैसल, के. मोहम्मद हनीफा, के. प्रदीप कुमार, पी. सुषांत, ई. अब्दुरहीम और विधायक पी.पी. सुमोद ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि यह बहिष्कार मुख्यतः सेनेट की शक्ति को दरकिनार करने के खिलाफ है। साथ ही, वे राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” को पूरा गाने के निर्णय का भी विरोध कर रहे हैं।

सेनेट के अधिकारों का उल्लंघन और विरोध

प्रो-लेफ्ट सदस्यों का आरोप है कि सम्मानित डॉक्टरेट देने के मामले में सेनेट को पूरी जानकारी या सहमति नहीं दी गई। विशेष प्रावधानों का इस्तेमाल कर सेनेट को दरकिनार किया गया और कुलपति से सीधे अनुमति मांगी गई। इस पर सेनेट के सदस्यों ने लिखित रूप से असहमति जताई, लेकिन कुलपति पी. रवींद्रन ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और बातचीत से इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय द्वारा उच्च न्यायालय में दायर जवाबी हलफनामे में कहा गया कि seनेट में चर्चा करने से मीडिया ध्यान जाएगा, जो व्यवस्थापकों की विरोधी लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है।

प्रो-लेफ्ट सदस्यों ने कुलपति से अनुरोध किया था कि राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण समारोह में न गाया जाए, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इसलिए उन्होंने इस समादीकरण समारोह में भाग न लेने का फैसला किया है।

यह विवाद कालीकट विश्वविद्यालय में प्रशासन और विभागीय निकायों के बीच बढ़ती खिंचाव को दर्शाता है। सेनेट और सिंडिकेट के बीच मतभेद ने विश्वविद्यालय के शैक्षिक वातावरण में असंतोष बढ़ा दिया है।

अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस विरोध के मद्देनजर आगे क्या कदम उठाता है और क्या सदस्यों की चिंताओं को सम्मानित किया जाएगा या नहीं।

Source

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button