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चक्रवात अर्नब: आंध्र तट की ओर नया बंगाली सागर सिस्टम; गंजाम में 300 गांव जलमग्न

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में व्यापक तबाही मचाई है जबकि बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बन रहा है जो आंध्र तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। गंजाम जिले के 300 से ज्यादा गांव बाढ़ में फंसे हैं और राहत व बचाव कार्य में तैनात टीमें सक्रिय हैं।

आंध्र प्रदेश में व्यापक नुकसान और राहत कार्य

आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब के कारण बिजली के भारी नेटवर्क को कम से कम ₹500 करोड़ का नुकसान हुआ है। ऊर्जा मंत्री गोत्तिपाटी रवि कुमार ने बताया कि पश्चिम गोदावरी जिला विशेष रूप से प्रभावित हुआ, जहां 3,700 पावर पोल धराशायी हो गए। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुल नुकसान की पहली अनुमानित राशि ₹4,600 करोड़ बताई है और केंद्र सरकार से सहायता मांगी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 3,100 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां 367 बच्चों का जन्म हुआ। राहत एवं फायर सर्विस विभाग ने आपातकालीन कार्यों के लिए 281 कर्मियों को 120 लकड़ी काटने वाली टीमों और 19 नाव बचाव टीमों में तैनात किया।

ओडिशा में बाढ़ और बचाव प्रयास

ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में भारी बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्ग-326 के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया है। गंजाम में भाषालती बांध खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे भारी बाढ़ आई है। यहां 2,000 से अधिक लोग बाढ़ से कटे हुए बताए गए हैं, जिनमें से करीब 100 को वायु सेना के माध्यम से एयरलिफ्ट किया जाएगा।

ओड़िशा सरकार ने 300 से अधिक टीमों को राहत और बचाव कार्य में नियुक्त किया है। भारतीय तटरक्षक हेलीकॉप्टर एवं अन्य एजेंसियां फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। भारी बारिश अब भी राज्य के 17 जिलों में जारी है, जिससे सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अर्नब के दबाव में गिरावट के बाद बरसात हुई है। भारत मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके अलावा, दक्षिण अंडमान सागर में नया कम दबाव क्षेत्र विकसित हो रहा है, जो श्रीलंका से दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में नये चक्रवात का रूप ले सकता है।

रेल सेवा में भी बाधा आई है, खासकर आंध्र-ओडिशा सीमा के आसपास के क्षेत्र में जलभराव के कारण कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है। बहुदा नदी के बढ़ते जलस्तर ने आपातकालीन हालात उत्पन्न कर दिए हैं जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री नायडू ने प्रभावित किसानों और परिवारों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार को नुकसान का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया है और केंद्रीय सहायता में तेजी लाने का अनुरोध किया है। Telangana समेत अन्य राज्यों ने भी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है।

चक्रवात अर्नब से जुड़े हालात अभी पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हुए हैं मगर प्रभावित राज्यों में राहत और पुनर्वास का कार्य तेज़ी से चल रहा है। भारतीय तटरक्षक, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन व्यापक प्रयासों में लगे हुए हैं ताकि प्रभावित लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंच सके।

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