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DMK पार्षद सुधा देनद laying नजरिए पर FIR दर्ज, सीएम विजय पर विवादित टिप्पणी

चेन्नई में 7 अक्टूबर को DMK की एक पार्टी कार्यक्रम में DMK वार्ड 95 पार्षद और जिला महिला विंग की आयोजक सुधा देनदाएलन द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के कारण पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस भाषण में सुधा ने विजय को कई बार “कुत्ता” कहा, जिससे राजनीतिक तूफ़ान बरपा है।

सुधा देनदाएलन की विवादित टिप्पणी

राजा अन्नामलाई मंच में हुए DMK के “मुप्पेरुम विज्हा” कार्यक्रम में सुधा ने पूर्व सीएम और DMK अध्यक्ष एम. के. स्टालिन की उम्र और छवि की तुलना विजय से करते हुए कहा कि स्टालिन 74 वर्ष के हैं और एक “शेर” हैं, जबकि विजय 52 वर्षीय “मरे हुए शव” जैसे दिखेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय ने सोशल मीडिया रील्स के ज़रिये सत्ता हासिल की है लेकिन वे अपने वादे पूरे नहीं कर पाए हैं।

सुधा के भाषण के वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलाए जाने के बाद टीवीके कार्यकर्ता उदयकुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस आधार पर एस्प्लेनेड पुलिस थाना ने आपत्तिजनक भाषा, शांति भंग करने के इरादे से अपमान और डर फैलाने वाले अफवाहें फैलाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की। सुधा को पूछताछ के लिए भी समनित किया गया है।

राजनीतिक विवाद और प्रतिक्रिया

इससे पूर्व भी विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन पर विवादित टिप्पणियों के कारण पुलिस केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा वरिष्ठ DMK नेताओं अ. राजा, पी. के. शेखर बाबू और विधायक वसंतम कार्तिकेयन के खिलाफ भी मानहानि के आरोप लगे हैं। अगस्त में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नैনার नागेंद्रन पर भी मुख्यमंत्री के माताजी का संदर्भ देने वाली टिप्पणी के कारण शिकायत की गई थी।

सुधा के भाषण के दौरान DMK उपमहासचिव और सांसद के. कनिमोझी तथा चेन्नई की मेयर आर. प्रिया भी मंच पर मौजूद थीं। वीडियो क्लिप में मेयर प्रिया हँसती हुई दिखीं जबकि कनिमोझी को असहज देखा गया। टीवीके नेताओं ने सुधा की टिप्पणी की निंदा की और वरिष्ठ नेताओं से पूछा कि उन्होंने इसे रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया।

DMK महिला विंग ने टीवीके पर झूठे प्रोपेगैंडा फैलाने और राजनीतिक छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले अपने नेताओं के भाषणों पर नजर डालें, फिर दूसरों की आलोचना करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की राजनीतिक भूमिका को केवल सोशल मीडिया प्रभावशाली बनने तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दूसरे वीडियो क्लिप में कनिमोझी कहते हुए दिखाई दीं कि द्रविड़ आंदोलन के मानकों का सम्मान किया जाना चाहिए और विपक्ष के स्तर पर अपने आपको नहीं ढालना चाहिए। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि द्रविड़ आंदोलन का यह मूल मंत्र है।

टीवीके और DMK के बीच पूर्व अधोसंरचना और मॉनसून फाइंडिंग प्रबंधन को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस बीच टीवीके नेता म. कार्थिका की गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीतिक विवाद छिड़ा है। आरोप हैं कि उनकी गिरफ्तारी वैधानिक मामलों का दुरुपयोग करते हुए विपक्ष को दबाने की कोशिश है।

यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में सूक्ष्म संतुलन और जातिगत दलों के बीच जारी संघर्ष को दर्शाता है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं इस विवाद का नया मोड़ ला सकती हैं।

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