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रामलीला मैदान में विपक्षी एकता की बड़ी प्रदर्शनी, AISA की नेहा बोरा का समर्थन

नई दिल्ली में रामलीला मैदान रविवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की रैली के कारण कई जगहों पर सड़कें भीड़ गईं। राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों से कई दलों के समर्थक रैली स्थल की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए। यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ विरोध की चोटी की अभिव्यक्ति था।

INDIA ब्लॉक की रैली में विपक्षी दलों का समन्वय

इस रैली में 21 विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। रामलीला मैदान पर विभिन्न दलों के झंडे जैसे ममता बनर्जी के All India Trinamool Congress, वाम दल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे एक साथ लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने ‘vote chor gaddi chhod’ के नारे लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त की पदत्याग की मांग दोहराई। कई समर्थक संविधान की प्रतियां लेकर यहां आए।

रैली में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने अलग-अलग राज्यों से समर्थकों के आने-जाने का पूरा ध्यान रखा। कई नेता शनिवार रात को और अन्य रविवार सुबह पहुंचते रहे। नागरिक समाज के कई समूह भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे, हालांकि Cockroach Janta Party (CJP) ने रैली में भाग नहीं लिया बल्कि समर्थन का एक प्रेस नोट जारी किया।

विरोध के मुख्य बिंदु क्या थे?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोले कि वर्तमान में नरेंद्र मोदी वोटरों को चुनने वाले बन गए हैं, जनता उन्हें चुन नहीं रही। उन्होंने कहा कि केंद्र और विभिन्न राज्यों की सरकारें वोट चोरी के माध्यम से बनी हैं और इन्हें हटाना जरूरी है। खड़गे ने ग्यानेश कुमार को मोदी का शिष्य बताते हुए कहा कि उनका जाना जरूरी है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किसानों और युवाओं के अधिकारों और रोजगार पर जोर दिया। उन्होंने ग्यानेश कुमार को हटाने को पहला कदम बताया और मोदी सरकार की तुलना संविधान से नीचे रखी। उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का भी आह्वान किया और भाजपा-आरएसएस पर देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाया।

ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को SIR के नाम पर छीना गया बताया और कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र और संविधान की लूट की है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को शिकायत भेजने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने भाजपा द्वारा वोट चोरी की घटनाओं की याद दिलाई।

राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव ने भाजपा और RSS के लोगों को देशभक्ति के प्रमाण पत्र बाँटने पर कटाक्ष किया और कहा कि यह लड़ाई वोटरों और धोखेबाजों के बीच है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती ने संविधान में बदलाव और लोगों के मतदान अधिकार छीनने की भाजपा की कोशिशों की निंदा की।

कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने SIR को मतदान अधिकार छीनने का हथियार बताया। CPI(M) के महासचिव M.A. Baby ने मोदी को ‘झूठ का सम्राट’ कहा और महिलाओं तथा किसानों के लिए उनकी असफलता को उजागर किया। All India Students Association की अध्यक्ष नेहा बोरा ने रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी एकता का समर्थन जताया।

यह रैली देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मजबूत संकेत थी। विपक्ष ने वोट चोरी को बड़ी समस्या बताते हुए इसे खत्म करने के लिए एक साथ आने का संदेश दिया। घटना स्थल पर विभिन्न दलों और नागरिक समूहों की एकता देखने को मिली, जो आगामी राजनीतिक लड़ाइयों में प्रभावशाली साबित हो सकती है।

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