केरल के थेक्कडी में वाइल्डलाइफ वीक समारोह के मंच के ढहने से चार घायल

केरल के थेक्कडी में पेरियार टाइगर रिजर्व के तहत आयोजित स्टेट-लेवल वाइल्डलाइफ वीक के उद्घाटन समारोह के लिए बनाए गए अस्थायी मंच का सोमवार को ढहने से चार लोग घायल हो गए। यह हादसा अपराह्न 1:30 बजे हुआ, जब कार्यक्रम का उद्घाटन वन मंत्री शिबू बेबी जॉन द्वारा संपन्न हुआ था।
मंच हादसे में पुलिसकर्मी और तकनीशियन घायल
जानकारी के मुताबिक, घटना अनावाचल पार्किंग ग्राउंड के पास हुई। घायल व्यक्तियों में तीन पुलिसकर्मी एवं एक लाइट-एंड-साउंड तकनीशियन शामिल हैं। घायल पुलिस अधिकारियों में वंदीपेरियार पुलिस स्टेशन के सिविल पुलिस अधिकारी सुबाष बालन (43), इड़ुक्की जिले मुख्यालय के पी. धनेश (39) और आनिल प्रसाद (39) हैं, जबकि तकनीशियन साजी (49) चेलिमड़ा, कुमिली के निवासी हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए कुमिली फैमिली हेल्थ सेंटर ले जाया गया और बाद में विशेष अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। सुबाष बालन की चोटें गंभीर बताई गई हैं।
इस कार्यक्रम में लगभग 1000 लोग शामिल हुए थे, जिनमें पीरूमेडे के विधायक साइरियक थॉमस, पूंजार के विधायक सेबास्टियन एम.जे., स्थानीय प्रतिनिधि, छात्र, वन अधिकारी और मीडिया कर्मी शामिल थे। उद्घाटन समारोह लगभग 1 बजे सम्पन्न हुआ था। घटनास्थल पर मौजूद भीड़ और मुख्य अतिथि पहले ही हट चुके थे, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। मंच के पास आराम कर रहे पुलिसकर्मी गिरती हुई मलबे की चपेट में आए।
सुरक्षा के दृष्टिगत जांच और कार्रवाई
हादसे के समय वहां न तो तेज़ बारिश थी और न ही तेज़ हवा, जिसके कारण सुरक्षा मानकों की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। इस पर वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने तत्कालीन जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और संबंधित विभाग घटना की वजह पता करने के लिए जांच कर रहे हैं, ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ या नहीं, इसका पता लगाया जा सके।
मंच की अस्थायी संरचना में आई इस खामी ने आयोजन की समग्र सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा हादसा भविष्य में न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का कार्य किया गया और फिलहाल उनकी स्थिति स्टेबल बताई जा रही है। घायल पुलिस अधिकारियों एवं तकनीशियन का इस वक्त इलाज चल रहा है।
पेरियार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव सप्ताह के आयोजन का मकसद संरक्षण के महत्व को जनता तक पहुंचाना है, लेकिन इस प्रकार की घटना से आयोजन की छवि प्रभावित हुई है। इसके बाद सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने पर जोर दिया जाएगा।
इस घटना के चलते आगामी कार्यक्रमों में सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वन अधिकारियों और पार्टी आयोजकों द्वारा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।




