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भारत को तो मिल गई राहत, मगर इन देशों पर है सबसे ज्यादा ट्रंप टैरिफ की मार; लिस्ट में ब्राजील, कनाडा और बांग्लादेश शामिल

भारत को एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले राहत

भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी टैरिफ में 50% से 18% (US-India Trade Deal) की कटौती बड़ी राहत है। इससे टेक्सटाइल, गारमेंट्स, सी-फूड, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा। भारत को अब चीन, बांग्लादेश जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर लागत लाभ मिलेगा, जिससे बाजार हिस्सेदारी वापस पाने और विनिर्माण में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

 भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी टैरिफ में हुई कटौती एक बड़ी राहत बनकर आई है। भारत-यूएस डील (US-India Deal) से टेक्सटाइल, गारमेंट्स, सी-फूड, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और रत्न एवं आभूषण जैसे सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का एलान किया है। मगर कई ऐसे देश हैं, जिन पर भारत से भी कम अमेरिकी टैरिफ लगता है। आगे देखें इन देशों की लिस्ट।

सबसे कम टैरिफ किस देश पर?

अमेरिका ने यूके पर सबसे कम टैरिफ लगा रखा है। यूके पर सिर्फ 10 फीसदी टैरिफ लगता है। इसके बाद 15 फीसदी टैरिफ वाली लिस्ट में कई देश शामिल हैं।

ये हैं भारत के मुकाबले कम टैरिफ वाले देश

देश कितना टैरिफ (%)
अफ़ग़ानिस्तान 15
अंगोला 15
बोलीविया 15
बोत्सवाना 15
कैमरून 15
काग़ज़ का टुकड़ा 15
कोस्टा रिका 15
कोटे डी आइवर 15
नाउरू 15
न्यूज़ीलैंड 15
नाइजीरिया 15
उत्तरी मैसेडोनिया 15
नॉर्वे 15
पापुआ न्यू गिनी 15
दक्षिण कोरिया 15
त्रिनिदाद और टोबैगो 15
टर्की 15
युगांडा 15
वानुअतु 15
वेनेज़ुएला 15
जाम्बिया 15
ज़िम्बाब्वे 15
यूरोपीय संघ 15
जापान 15
स्विट्ज़रलैंड 15
यूनाइटेड किंगडम 10

 इन देशों पर भारत से ज्यादा टैरिफ

देश कितना टैरिफ (%)
ब्राजील 50
सीरिया 41
लाओस 40
म्यांमार 40
कनाडा 35
इराक 35
चीन 35
सर्बिया 35
एलजीरिया 30
बोस्निया और हर्जेगोविना 30
लीबिया 30
दक्षिण अफ्रीका 30
मेक्सिको 25
ब्रुनेई 25
कजाखस्तान 25
मोलदोवा 25
ट्यूनीशिया 25
बांग्लादेश 20
श्रीलंका 20
ताइवान 20
वियतनाम 20
कंबोडिया 19
इंडोनेशिया 19
मलेशिया 19
पाकिस्तान 19
फिलिपींस 19
थाईलैंड 19

एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले भारत को फायदा

चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले भारत को अब अमेरिकी बाजार में एक बड़ा कॉस्ट एडवांटेज मिलने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि नई टैरिफ रेट से भारतीय एक्सपोर्टर्स को मार्केट शेयर वापस पाने और मैन्युफैक्चरिंग में अधिक निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।

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