पपड़ाहवा-पल्हारी और चेरुई में कंपनी स्थापना के विरोध में आदिवासियों का प्रदर्शन, संदीप मिश्रा के नेतृत्व में उठी आवाज
जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प, बिना सहमति कंपनी स्थापना का किया विरोध

सोनभद्र। रिपोर्ट: क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस।
रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र के पपड़ाहवा, पल्हारी और चेरुई गांव में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना के विरोध में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांव में कंपनी स्थापना का विरोध करते हुए इसे क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बताया।
प्रदर्शन के दौरान बीडीसी सदस्य बिंदु अगरिया ने कहा कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र में कंपनी स्थापित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सोनभद्र का यह इलाका आज भी स्वच्छ हवा और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। उनका दावा था कि कोरोना महामारी के दौरान भी इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति रही थी। ऐसे में नए उद्योग लगने से पर्यावरण प्रभावित होगा और इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।
ग्रामीण रामबहाल खरवार ने कहा कि गांव की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए ग्रामीण हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र के भविष्य पर खतरा उत्पन्न होगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन पहले से स्थापित उद्योगों में भी क्षेत्र के युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिला है। ऐसे में नई परियोजना से भी स्थानीय लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना कम है।
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि आदिवासियों की सहमति के बिना किसी भी औद्योगिक परियोजना को लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने में लगी है, जबकि स्थानीय निवासियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की सहमति के बिना कंपनी स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा और क्षेत्र के ग्रामीण व्यापक जनआंदोलन करेंगे।
प्रदर्शन में प्रमिला बरमतिया, चेरो, पुष्पा खरवार, पिंकी अगरिया, रजावती गोंड़, बिंदू अगरिया, सुदामा चेरो, दिनेश गोंड़, रामबहाल खरवार, गुलाब गोंड़, शत्रुधन बिंद, विजय बिंद, संजय बियार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।



