रायपुर में जल-जंगल-जमीन की रक्षा को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, ‘पेड़ है तो प्राण है’ अभियान के तहत बांटे गए फलदार पौधे
संदीप मिश्रा बोले– सोनभद्र के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों से समझौता नहीं होने देंगे, ग्रामीणों ने पेड़ों की कटाई का किया विरोध

नगवां (सोनभद्र)। रिपोर्ट: क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस।
नगवां ब्लॉक के रायपुर ग्राम पंचायत में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के तहत ग्रामीण परिवारों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर आदिवासी परिवारों को विस्थापित करने और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग स्थापित करना ही है तो ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां लोगों को विस्थापित न होना पड़े और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनता के हितों की रक्षा करना है। यदि जनविरोधी निर्णय लिए गए तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा।
ग्रामीण निलेश सिंह राजपूत ने कहा कि जंगल उनके जीवन का आधार हैं और उनकी रक्षा के लिए ग्रामीण हरसंभव संघर्ष करेंगे। वहीं बबलू पटेल ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान लगातार परेशान हैं और व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में निलेश सिंह राजपूत, विजयमल खरवार, दहीकुंडल प्रजापति, बाबूलाल मौर्य, विजय पटेल, दिनेश मौर्य, शत्रुघ्न बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।



