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मंगलुरु एयरपोर्ट पर CISF ने लौटाया 10 हजार डॉलर से भरा पर्स, ईमानदारी की मिसाल बनी सुरक्षा टीम

CISF ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, मंगलुरु एयरपोर्ट पर 10 हजार डॉलर, आईफोन और सोने की अंगूठी से भरा पर्स लौटाया

मंगलुरु, कर्नाटक

मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और एयरपोर्ट कर्मचारियों ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी से एक बार फिर लोगों का भरोसा मजबूत किया है। दुबई से आए एक यात्री का एयरपोर्ट परिसर में छूट गया पर्स सुरक्षा कर्मियों को मिला, जिसमें 10 हजार अमेरिकी डॉलर, 500 यूएई दिरहम, आईफोन, सोने की अंगूठी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। अधिकारियों ने सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पूरा सामान सुरक्षित उसके मालिक तक पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 6:15 बजे पार्किंग क्षेत्र में बैगेज ट्रॉली पर एक काला पर्स लावारिस हालत में देखा गया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना सीआईएसएफ को दी। किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे से बचने के लिए पर्स को सीधे खोलने के बजाय पहले सिक्योरिटी ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर भेजा गया।

इसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) ने पर्स की गहन जांच की। जांच में किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद अधिकारियों ने पर्स खोला। उसमें 10 हजार अमेरिकी डॉलर, 500 यूएई दिरहम, पासपोर्ट, आईफोन, सोने की अंगूठी, बैंक कार्ड और बोर्डिंग पास सहित कई महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित मिले।

इसके बाद सीआईएसएफ ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से यात्री की पहचान करने का प्रयास किया। फुटेज से पता चला कि संबंधित यात्री एयरपोर्ट छोड़ चुका था। बोर्डिंग पास के आधार पर एयरलाइन से संपर्क कर यात्री का मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद उसे फोन कर पर्स मिलने की सूचना दी गई।

सूचना मिलने पर यात्री तुरंत एयरपोर्ट वापस पहुंचा। अधिकारियों ने उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद पूरा पर्स और उसमें रखा सामान सुरक्षित उसके हवाले कर दिया। अपना कीमती सामान वापस मिलने पर यात्री ने राहत जताई और वीडियो संदेश जारी कर सीआईएसएफ तथा मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारियों का दिल से धन्यवाद दिया।

एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी खोई हुई वस्तुओं को सुरक्षित लौटाना भी उनकी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह घटना न केवल सीआईएसएफ की ईमानदारी और सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सुरक्षा एजेंसियां अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निभा रही हैं।

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