Budget 2027-28 की तैयारी शुरू: 6 अक्टूबर तक मंत्रालय भेजेंगे प्रस्ताव, 12 अक्टूबर से प्री-बजट बैठकों का दौर
नई दिल्ली, दिल्ली
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट तैयार करने की प्रक्रिया के लिए बजट परिपत्र जारी कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने व्यय अनुमान, योजनागत आवश्यकताओं और वित्तीय प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मंत्रालयों और विभागों को अपने प्रस्ताव तथा आवश्यक आंकड़े **6 अक्टूबर 2026** तक जमा कराने होंगे। इसके बाद **12 अक्टूबर 2026** से पूर्व-बजट परामर्श बैठकों का दौर शुरू होगा। इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की बजटीय जरूरतों तथा आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बजट परिपत्र में मंत्रालयों और विभागों को वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संशोधित अनुमान में चालू वित्त वर्ष के दौरान संभावित खर्च और वित्तीय स्थिति का आकलन किया जाएगा। वहीं, बजट अनुमान में अगले वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित खर्च और वित्तीय आवश्यकताओं का विवरण दिया जाएगा। विभागों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए आवश्यक धनराशि का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करना होगा। इसके अलावा चल रही परियोजनाओं, भविष्य की योजनाओं और अन्य प्रमुख खर्चों का भी आकलन किया जाएगा। वित्त मंत्रालय इन प्रस्तावों की समीक्षा करेगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित मंत्रालयों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। 12 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्री-बजट बैठकों में सरकार विभिन्न मंत्रालयों की मांगों पर विचार करेगी। इस दौरान उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, सरकारी राजस्व, विकास संबंधी प्राथमिकताओं और योजनाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बजटीय प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी। बैठकों के बाद विभिन्न विभागों के आवंटन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होगी। केंद्रीय बजट देश की आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें सरकार की आय और खर्च का अनुमान प्रस्तुत करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए वित्तीय प्राथमिकताएं भी तय की जाती हैं। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और अन्य क्षेत्रों में सरकारी खर्च की दिशा बजट से स्पष्ट होती है। बजट तैयार करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाती है। शुरुआत में मंत्रालय और विभाग अपनी जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करते हैं। इसके बाद वित्त मंत्रालय प्रस्तावों की जांच और समीक्षा करता है। संबंधित विभागों के साथ परामर्श के बाद उपलब्ध संसाधनों और सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम बजट प्रस्ताव तैयार किया जाता है। वित्त वर्ष 2027-28 के बजट की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब मंत्रालयों और विभागों के स्तर पर तैयारी तेज होने की संभावना है। 6 अक्टूबर तक प्रस्ताव जमा होने के बाद 12 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्री-बजट बैठकों में इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा होगी। इन बैठकों के आधार पर वित्त मंत्रालय बजट निर्माण की आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा। आगामी केंद्रीय बजट में सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए वित्तीय प्रावधानों पर विशेष ध्यान रहेगा।



