राजनीति

‘कांग्रेस के लिए दलित केवल राजनीतिक रोटी सेंकने का माध्यम’, हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर भाजपा का तीखा हमला

**हल्द्वानी, उत्तराखंड**

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुए राजनीतिक विवाद में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस घटना को अनुसूचित जाति समाज के अपमान से जोड़ने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर दलित विरोधी और नव-सामंती सोच रखने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि कांग्रेस का दलित समाज के प्रति रवैया हमेशा राजनीतिक हितों से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों को वास्तविक सम्मान और नेतृत्व देने के बजाय उन्हें केवल राजनीतिक रोटी सेंकने का माध्यम बनाया।

पासवान ने कहा कि कांग्रेस अब हल्द्वानी की घटना को अनुसूचित जाति के अपमान से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। भाजपा का दावा है कि जिस शुद्धिकरण की घटना को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसमें शुद्धिकरण करने वाले अनुसूचित जाति समाज के दो लोगों के बयान सामने आ चुके हैं।

भाजपा नेताओं के अनुसार, संबंधित लोगों के बयान से यह स्पष्ट होता है कि इस मामले को सीधे तौर पर अनुसूचित जाति समाज के अपमान से जोड़ना उचित नहीं है। पार्टी ने कहा कि तथ्यों को सामने रखे बिना कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश कर रही है।

भाजपा ने राहुल गांधी के इस मुद्दे को घटना के करीब 20 दिन बाद उठाने पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि यदि कांग्रेस को वास्तव में सामाजिक सम्मान और दलित अधिकारों की चिंता थी, तो उसने इस मुद्दे को पहले क्यों नहीं उठाया।

गुरु प्रकाश पासवान ने भाजपा शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग से आने वाले नेताओं को शीर्ष पदों पर अवसर दिया है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासित राज्यों में इन सामाजिक वर्गों से आने वाले कितने नेता मुख्यमंत्री पद पर हैं।

पासवान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के साथ कांग्रेस के दौर में हुए कथित भेदभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दलित समाज के हितों पर राजनीति करने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास को देखना चाहिए।

भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी अनुसूचित जाति समाज से आने वाले नेताओं के साथ समान अवसर और सम्मान का व्यवहार नहीं करती। पार्टी ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी की घटना में अनुसूचित जाति के अपमान का कोई मामला नहीं बनता और कांग्रेस इसे राजनीतिक लाभ के लिए बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

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