LPG से दूध और एयरपोर्ट तक, 1 सितंबर से कई बड़े बदलाव; ITR और FD नियमों पर भी जानें सही तारीख

नई दिल्ली, भारत
अगस्त खत्म होने के साथ सितंबर की शुरुआत में आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। इनका असर रसोई के बजट, दूध की कीमत, विदेश यात्रा और टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारियों पर पड़ सकता है। हालांकि, 1 सितंबर से लागू होने वाले नियमों को लेकर एक जरूरी सावधानी भी है। सभी बदलाव एक ही तारीख से प्रभावी नहीं हुए हैं। कुछ डेडलाइन 31 अगस्त को समाप्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ नए नियम अक्टूबर से लागू होंगे।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। सितंबर की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में करीब 9.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई है।
हालांकि, घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत को लेकर उपभोक्ताओं को अपने शहर की ताजा दर जरूर जांचनी चाहिए। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कीमत को पूरे देश में एक समान मानना सही नहीं होगा।
मुंबई में दूध की थोक कीमत 9 रुपये बढ़ी
मुंबई में 1 सितंबर से ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत में बढ़ोतरी हुई है। मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार, कीमत 9 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 102 रुपये हो गई है। इससे पहले थोक दर 93 रुपये प्रति लीटर थी।
हालांकि, यह थोक कीमत है। खुदरा ग्राहकों को दूध की कीमत में ठीक 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का सामना करना जरूरी नहीं है। अंतिम कीमत स्थानीय विक्रेता और सप्लायर के आधार पर अलग हो सकती है।
विदेश यात्रा पर इमिग्रेशन प्रक्रिया हुई आसान
विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टांप लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री मोबाइल फोन में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या प्रिंटेड बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यात्रा दस्तावेजों की जरूरत खत्म हो गई है। पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज यात्रियों के पास होना अनिवार्य रहेगा।
ITR और LPG e-KYC की डेडलाइन खत्म
टैक्सपेयर्स के लिए भी तारीख को लेकर स्पष्टता जरूरी है। कुछ गैर-ऑडिट बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स के लिए AY 2026-27 की ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी। यह समयसीमा समाप्त हो चुकी है और पात्र मामलों में विलंबित रिटर्न का विकल्प लागू हो सकता है।
इसी तरह LPG उपभोक्ताओं के लिए बताई गई e-KYC की समयसीमा भी 31 अगस्त थी। इसलिए इसे 1 सितंबर से लागू नया नियम कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा।
FD निवेशकों को अक्टूबर तक करना होगा इंतजार
बैंक ग्राहकों के लिए RBI के संशोधित बैंक डिपॉजिट नियमों को लेकर भी स्थिति साफ है। ये नियम 1 सितंबर से लागू नहीं हो रहे हैं। नया फ्रेमवर्क 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसमें 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इसका मतलब है कि सामान्य FD निवेशकों को 1 सितंबर से किसी नए RBI नियम के कारण तत्काल बदलाव करने की जरूरत नहीं है।
सितंबर में आम लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी वायरल या सोशल मीडिया पोस्ट को अंतिम जानकारी मानने के बजाय संबंधित बैंक, तेल कंपनी, टैक्स विभाग या एयरपोर्ट प्राधिकरण की आधिकारिक सूचना से नियम और उनकी प्रभावी तारीख की पुष्टि करें। इससे गलत जानकारी के आधार पर होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।



