छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूलों में खुशियों का ‘न्योता’, स्वाद और मुस्कान बांट रहा अभियान

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में ‘आओ बांटें खुशियां’ अभियान शिक्षा में बदलाव ला रहा है। ‘न्योता भोजन योजना’ के तहत सामूहिक भोज हो रहे हैं, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर आम नागरिक तक बच्चों को भोजन परोस रहे हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे उत्साह से स्कूल आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मध्याह्न भोजन योजना में सुधार हो।

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में ‘न्योता भोजन योजना’ से सरकारी स्कूलों में लौटी रौनक
  2. पीएम पोषण योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने किया था आह्वान
  3. स्कूलों में भोज कराने वालों में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक

जितेंद्र सिंह दहिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ ‘आओ बांटें खुशियां’ अभियान शिक्षा के माहौल को पूरी तरह बदल रहा है। ‘न्योता भोजन योजना’ के तहत अब तक प्रदेश के 50,000 से अधिक स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में 95,000 से ज्यादा बार सामूहिक भोज का आयोजन हो चुका है। केवल रायपुर जिले में ही 480 से अधिक स्कूल इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रियों, विधायकों, कलेक्टरों, अधिकारियों से लेकर आम नागरिक तक अपनी जन्मतिथि या किसी विशेष अवसर पर बच्चों के साथ बैठकर उन्हें खीर, मिठाई और अतिरिक्त पौष्टिक भोजन परोस रहे हैं। नतीजतन, अब किसी का जन्मदिन महज निजी उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज सेवा और बच्चों के बीच खुशियां बांटने का माध्यम बन गया है।

शिक्षकों के अनुसार, इस विशेष न्योता भोज के कारण बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे उत्साह से स्कूल आने लगे हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 की रिपोर्ट बताती है कि इस अभियान से बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन में भागीदारी में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।

न्योता भोजन योजना’ से सरकारी स्कूलों में लौटी रौनक

सरकार का लक्ष्य है कि इस जनभागीदारी माडल से मध्याह्न भोजन योजना में घटती उपस्थिति में कम से कम 10 प्रतिशत सुधार लाया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 21 फरवरी, 2024 को योजना की शुरुआत की। सीएम और उनकी पत्नी कौशल्या देवी की जन्मतिथि पर स्कूलों में न्योता भोज दिया था।

रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने अपनी बेटी की जन्मतिथि के मौके पर बच्चों को न्योता भोज कराया था। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष दिन या स्मृतियों जैसे खास अवसरों पर स्कूली बच्चों के बीच खुशियां बांटने का आग्रह किया था।

स्कूल में हर महीने दो बार न्योता भोज

रायपुर जिले के सभी ब्लाकों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और ‘आओ बांटें खुशियां’ के अंतर्गत अब स्कूल हर महीने कम से कम दो बार पूर्ण और अर्ध भोजन समारोह आयोजित कर रहे हैं। इसके लिए संपर्क नंबर जारी किए गए है। कार्यक्रमों में सामान्य भोजन के साथ बच्चों को फल, दूध, मिठाई, अंडा, दही और प्रोटीनयुक्त भोजन भी दिया जा रहा है। शिक्षकों के अनुसार, इन विशेष भोजों के चलते बच्चे बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच रहे हैं और भोजन की प्रतीक्षा भी उत्साह से करते हैं। कई स्कूलों में बच्चे खुद मेहमानों का स्वागत करने में रुचि दिखा रहे हैं।

महिला अधिकारी ने आंगनबाड़ी में काटा केक

जिले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भानसोज में 13 नवंबर को महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक ऋतु परिहार ने बच्चों संग केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित किया था। इससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आई और उनका दिन यादगार बन गया।

जन्मदिन बना समाज सेवा का पर्व

समाज सेविका नेहा सोनी और सहायक शिक्षक सोमप्रकाश तारक ने बच्चों संग केक काटकर और पौष्टिक आहार वितरित कर खुशियां बांटीं। कलेक्टर डा. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह पहल कर्मचारियों को सामाजिक सरोकार से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

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