‘तमिलनाडु में कर्ज का स्तर चिंताजनक है’, कांग्रेस नेता के बयान से DMK में खलबली

कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती के तमिलनाडु के कर्ज पर दिए बयान ने कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पर सभी राज्यों में सबसे अधिक बकाया कर्ज है, जो चिंताजनक है। डीएमके सांसद कनिमोझी की टिप्पणी के जवाब में आए इस बयान से 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स प्रमुख और ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के चेयरमैन प्रवीण चक्रवर्ती तमिलनाडु के कर्ज वाले बयान ने उनकी ही पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। यह बयान 2026 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।
दरअसल, चक्रवर्ती ने डीएमके सांसद कनिमोझी की उस टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि तमिलनाडु पर अब सभी राज्यों में सबसे ज्यादा बकाया कर्ज है, यह कर्ज उत्तर प्रदेश से भी अधिक है और राज्य की कर्ज स्थिति ‘चिंताजनक’ है। विधानसभा चुनाव से पहले इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचा दी है।
क्या है पूरा मामला
अगले साल अप्रैल-मई में दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले डीएमके सांसद कनिमोझी ने अपनी पार्टी की सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उसने तमिलनाडु को एक उन्नत और विकसित राज्य में बदल दिया है। इसी टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि तमिलनाडु में सभी राज्यों में सबसे अधिक बकाया ऋण है। उन्होंने इसके बाद ऋण स्तर को चिंताजनक बताया और उच्च ब्याज भुगतान (भारत में तीसरे स्थान पर) और उच्च ऋण-से-जीडीपी अनुपात की ओर इशारा किया।
यह बयान 2026 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है, क्योंकि दोनों पार्टियां INDIA ब्लॉक की सहयोगी हैं। डीएमके ने इसे निजी एजेंडा बताकर खारिज किया, जबकि भाजपा ने इसे कांग्रेस का ‘सेल्फ गोल’ करार दिया।
समस्या यह है कि कांग्रेस ने द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के साथ गठबंधन किया है और दोनों ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भी एक साथ चुनाव लड़ने पर सहमति जताई है।
टीआरबी राजा ने दी प्रतिक्रिया
चक्रवर्ती की टिप्पणी पर तमिल पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिसमें राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. टीआरबी राजा ने सबसे आगे बढ़कर मोर्चा संभाला है। उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए X पर कहा कि कृपया निजी उद्देश्यों वाले किसी भी व्यक्ति से बातचीत करने से बचें। तमिलनाडु के विकास को रोकने की कोशिश करने वालों के खिलाफ हमें एक बड़ी लड़ाई लड़नी है। अनावश्यक भटकावों से सावधान रहें।
पूर्व राज्यसभा सांसद एमएम अब्दुल्ला ने चक्रवर्ती पर भय फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य का कर्ज पूंजी निवेश और परिसंपत्ति निर्माण के लिए था। उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था पिछले पांच वर्षों में 39 प्रतिशत बढ़ी है और इसमें 17.3 लाख करोड़ रुपये का विस्तार हुआ है।



