
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेन्द्र यादव।
सीतापुर। जिलाधिकारी राजागणपति आर. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नामांतरण, वरासत, सीमांकन, भू-अधिग्रहण, भूमि विवाद, राजस्व वसूली और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।
उन्होंने नामांतरण और वरासत से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने तथा शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान देने पर जोर दिया। साथ ही राजस्व वसूली की प्रगति की नियमित निगरानी कर लक्ष्य के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्याएं सुनने और समाधान करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जाएगी और प्रगति संतोषजनक न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में नियमित बैठने और एक वर्ष से अधिक लंबित वादों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने, तालाबों के पट्टे मानकों के अनुसार आवंटित करने और आवंटित पट्टों पर कब्जा दिलाने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गरीब व्यक्तियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, ऐसा पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग न होने देने के निर्देश भी दिए गए।
आईजीआरएस से जुड़ी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आख्या स्पष्ट होनी चाहिए, संबंधित अधिकारी स्वयं जांच करें और शिकायतकर्ता से संवाद भी करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से मधुर भाषा में बात की जाए, अभद्र व्यवहार पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक खालिद अंजुम, नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय सहित सभी उपजिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



