
ब्यूरो रिपोर्ट: वासुदेव यादव।
अयोध्या। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को भव्य आयोजन के बीच 35 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रतिमा का अनावरण उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। इस दौरान वैदिक छात्रों द्वारा रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि यह विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी की दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में वास्तविक ऊंचाई केवल भौतिक प्रगति से नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, चरित्र निर्माण और संस्कारों से प्राप्त होती है। रामायण विश्वविद्यालय केवल डिग्री बांटने वाला संस्थान नहीं, बल्कि मानव विकास का सशक्त केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी होना चाहिए। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित श्रीराम की भव्य प्रतिमा नई पीढ़ी को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों की प्रेरणा देती रहेगी।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में यह संस्थान भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा का संतुलित मॉडल बनेगा। यहां छात्र केवल डिग्री नहीं, बल्कि शोध, तकनीकी दक्षता और जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे।
अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय संस्कृति और टेक्नोलॉजी के समन्वय का श्रेष्ठ उदाहरण बनेगा। श्रीराम की प्रतिमा विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और प्रतिभा विकास की प्रेरणा बनेगी।
उत्तर प्रदेश प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मणि शंकर तिवारी ने कहा कि रामायण विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा का नया मॉडल प्रस्तुत करेगा, जहां तकनीक के साथ-साथ चरित्र और सोच का भी विकास होगा।
कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर ट्रस्टी व गवर्निंग बॉडी सदस्य राहुल भारद्वाज, पंकज शर्मा, कुलसचिव गिरीश छिमवाल, मुख्य वित्त अधिकारी वरुण श्रीवास्तव, आलोक प्रकाश श्रीवास्तव, अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अवध और रामायण विश्वविद्यालय के बीच एमओयू
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत दोनों संस्थान शिक्षा, शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक गतिविधियों और भावातीत ध्यान से जुड़े कार्यक्रमों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होगा, जिससे दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों में नए अवसर और सुविधाएं मिलेंगी।



