आईबीएम हाल ही में एआई के क्षेत्र में एक नई चुनौती का सामना कर रहा है। शेयरों में 11% की गिरावट आई है, जो एंथ्रोपिक प्रोग्रामिंग भाषा के खतरे के कारण हुई है। यह स्थिति कंपनी के लिए चिंताजनक है, क्योंकि एंथ्रोपिक जैसे नए प्रोग्रामिंग भाषाओं के उदय से प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी हो रही है। आईबीएम को अब अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना होगा ताकि वह इस चुनौती का सामना कर सके और अपने निवेशकों का विश्वास बनाए रख सके।

### राजधानी में बढ़ती ठंड से लोग परेशान, गर्म कपड़ों की मांग में इजाफा
दिल्ली: देश की राजधानी में ठंड का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। इस सप्ताह तापमान में गिरावट के साथ, बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है। ठंड से बचने के लिए लोग अब ऊनी स्वेटर, जैकेट और शॉल की खरीदारी करने में जुट गए हैं।
स्थानीय बाजारों में एक नजर डालने पर यह स्पष्ट हो गया है कि पिछले कुछ दिनों में गर्म कपड़ों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दुकानदारों का कहना है कि इस साल ठंड जल्दी शुरू होने के कारण, लोग पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। “हमारे पास ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। लोग जल्दी गर्म कपड़े खरीदने आ रहे हैं,” एक स्थानीय कपड़ा विक्रेता ने बताया।
हालांकि, ठंड के साथ-साथ कुछ नागरिकों ने अपने स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में फ्लू और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
साथ ही, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में धुंध भी छाने लगी है, जो वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। इससे ट्रैफिक में भी बाधा आ रही है। कुछ नागरिकों ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से बेहतर उपाय करने की अपील की है।
इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और ठंड होने की भविष्यवाणी की है। ऐसे में लोग अपने गर्म कपड़े निकालने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को भी अपनाने में जुट गए हैं। दिल्ली के मौसम में बदलाव के साथ, लोग अब अपनी दिनचर्या को ठंड के अनुकूल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस प्रकार, राजधानी में तापमान में गिरावट से न केवल कपड़ों की मांग में वृद्धि हुई है, बल्कि लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते, सभी को सजग रहने की आवश्यकता है।



