IndiGo की फ्लाइट ₹2300 तक महंगी! एयरलाइन ने लगाया फ्यूल सरचार्ज, 14 मार्च से किस रूट पर कितना बढ़ेगा चार्ज?

Indigo fuel surcharge: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाया है। यह नया चार्ज 14 मार्च से लागू होगा, जिससे हवाई टिकटें महंगी हो जाएंगी।
HighLights
- इंडिगो ने घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाया
- 14 मार्च से लागू होगा नया चार्ज, टिकटें होंगी महंगी
- मिडिल ईस्ट तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल कारण
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo fuel surcharge) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है, जिसके बाद फ्लाइट टिकट महंगी हो सकती हैं।
एयरलाइन ने बताया कि यह नया चार्ज 14 मार्च से रात 12:01 बजे से लागू होगा। यानी इस तारीख के बाद की जाने वाली सभी नई बुकिंग पर यात्रियों को अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ेगा। इससे पहले एयर इंडिया ग्रुप भी इसी तरह का फैसला कर चुका है।
क्यों लगाया गया फ्यूल सरचार्ज ?
इंडिगो के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। एयरलाइन ने इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के जेट फ्यूल मॉनिटर का हवाला देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में जेट फ्यूल की कीमतों में 85% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) एयरलाइंस के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में अचानक बढ़ी लागत का सीधा असर एयरलाइंस के ऑपरेशन और नेटवर्क पर पड़ता है।
कितना बढ़ेगा फ्यूल चार्ज ?
इंडिगो ने अलग-अलग रूट के हिसाब से अतिरिक्त फ्यूल चार्ज तय किया है।
- भारत के भीतर घरेलू उड़ानें: ₹425 प्रति सेक्टर
- भारतीय उपमहाद्वीप: ₹425
- मिडिल ईस्ट: ₹900
- साउथ ईस्ट एशिया और चीन: ₹1,800
- अफ्रीका और वेस्ट एशिया: ₹1,800
- यूरोप: ₹2,300
यानी अब हर टिकट की कीमत में यह अतिरिक्त रकम शामिल होगी।
एयरलाइन ने क्या कहा ?
इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि,
जेट फ्यूल की कीमतों में आई अचानक और बड़ी बढ़ोतरी ने ऑपरेटिंग लागत पर सीधा असर डाला है। अगर फ्यूल की पूरी लागत यात्रियों पर डाली जाए तो टिकटों में बहुत बड़ी बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। इसलिए फिलहाल सीमित फ्यूल चार्ज लगाया गया है ताकि यात्रियों पर बोझ कम रखा जा सके।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे चार्ज में बदलाव किया जा सकता है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच एयरलाइंस की लागत बढ़ने से आने वाले समय में हवाई यात्रा और महंगी होने की आशंका भी जताई जा रही है।



