अंतरराष्ट्रीय

इजरायल के साथ अमेरिका तो ईरान के साथ कौन? जो लगातार भेज रहा ड्रोन, हथियार और दवाएं

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस द्वारा ईरान को ड्रोन, भोजन और दवाएं भेजने की खबर है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच रूस इस महीने ड्रोन की खेप भेज रहा है।

 मिडिल ईस्ट में जारी जंग को एक महिना पूरा होने को है। एक तरफ अमेरिका, इजरायल के साथ मिलकर हमला कर रहा है तो दूसरी ओर ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस सबके बीच युद्ध में रूस की मौजूदगी की खबर सामने आई है।

क्या रूस कर रहा ईरान की मदद?

फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायली सेनाओं के साथ बढ़ते युद्ध के बीच रूस ईरान को ड्रोन की खेप भेज रहा है। इतना ही नहीं रूस कथित तौर पर ईरान को भोजन और दवाएं भी भेज रहा है।

इससे पहले क्रेमलिन ने ईरान को खुफिया समर्थन, टारगेट डेटा और सैटेलाइट तस्वीरें भेजकर मदद की थी। हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब रूस ने ड्रोन भेजे हों।

फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के अनुसार इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला करने के कुछ ही दिनों बाद ईरान और रूस ने ड्रोन की डिलीवरी पर बातचीत शुरू कर दी थी।

IRAN DRON

रूस का इनकार

पश्चिमी खुफिया आकलन का हवाला देते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने इस महीने ईरान को ड्रोन भेजना शुरू कर दिया है। इस महीने के अंत तक पूरी खेप ईरान पहुंच जाएगी।

उधर रूस ने इस रिपोर्ट से इनकार किया है। इस बारे में पूछे जाने पर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘अभी बहुत सारी झूठी खबरें चल रही हैं। एक बात सच है कि हम ईरानी नेतृत्व के साथ अपना संवाद जारी रखे हुए हैं।’

putin

सस्ते ड्रोन से मिडिल ईस्ट में तबाही

बता दें युद्ध शुरू होने के बाद से ही ड्रोन इस जग के सबसे शक्तिशाली हथियार रहे हैं। युद्ध की शुरुआत से अब तक 3,000 से ज्यादा सस्ते ड्रोन बनाए और दागे गए हैं।

इसी तरह, रूस भी 2023 से यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध में इस्तेमाल के लिए ईरानी डिजाइन पर आधारित ड्रोन बना रहा है। इन ड्रोनों को इस तरह से बदला गया है कि वे हवाई सुरक्षा प्रणालियों से बच निकलें और ज्यादा भारी पेलोड (सामान) ले जा सकें।

इसके अलावा, अभी यह साफ नहीं है कि रूस ने ईरान को कौन से ड्रोन भेजे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मॉस्को केवल गेरान-2 जैसे मॉडल ही भेजेगा, जो खुद ईरानी शाहेद-136 पर आधारित है। ईरान ने मॉस्को से और भी ज्यादा अच्छे हवाई सुरक्षा प्रणालियों की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!