ओडिशा की जेलों में भीड़भाड़ से कैदियों की सेहत और स्वच्छता की स्थिति खराब: CAG रिपोर्ट

भुवनेश्वर, ओडिशा। राज्य की 87 जेलों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि जहां कुल 2,203 स्नान स्थानों की आवश्यकता थी, वहीं केवल 916 स्नान स्थान उपलब्ध हैं। इस गंभीर कमी का असर सीधे तौर पर कैदियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर पड़ रहा है।
ओडिशा के कारागार विभाग अपनी विभिन्न जेलों में कैदियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ दिख रहा है। कैदियों के लिए पर्याप्त स्नान स्थानों की कमी से साफ-सफाई बनाए रखना मुश्किल हो रहा है, जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति जेल के स्वतंत्र पर्यवेक्षण और सुधार की मांग को और अधिक जोर देती है।
CAG (कैग) की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जेल प्रशासन को टॉयलेट और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है ताकि कैदियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। रिपोर्ट में इस समस्याओं का समाधान निकालने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
जेलों में भीड़भाड़ की समस्या भी इस मसले को और बढ़ा रही है। उपलब्ध संसाधनों की तुलना में कैदियों की संख्या कहीं अधिक होने के कारण ये मौलिक सुविधाएं कमजोर पड़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी इस दिशा में रिपोर्ट में राहत मिलने तक नियमित स्वास्थ्य जांच और साफ-सफाई पर खास ध्यान देने की सलाह दी है।
सूत्रों के अनुसार, इस स्थिति पर सुधार के लिए सरकारी स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें जेलों के अवसंरचना विकास और सुविधा विस्तार पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैदियों की मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्रदान करना अनिवार्य है।
अंत में, यह स्पष्ट है कि ओडिशा की जेलों में उपलब्ध स्नान स्थानों की कमी और बढ़ती भीड़भाड़ की समस्या न केवल कैदियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह न्यायिक व्यवस्था की समग्र विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करती है। प्रशासन और संबंधित विभागों से उम्मीद है कि वे इन मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे।



