तेलंगाना खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान के तरीकों का प्रदर्शन किया

हैदराबाद, तेलंगाना – तेलंगाना खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में एक कार्यशाला का आयोजन किया जिसमें लोगों को यह दिखाया गया कि कैसे साधारण दृष्टि से निरीक्षण के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाया जा सकता है। विशेष रूप से इस कार्यक्रम में सूखे कीवी, सौंफ, शकरकंद, हरी मटर समेत अन्य खाद्य वस्तुओं में सिंथेटिक डाई के उपयोग की पहचान पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य जनता और विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था ताकि वे नियमित रूप से भोजन सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर सकें और मिलावटी पदार्थों से बचे रह सके। विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि सिंथेटिक डाई से रंगे गए खाद्य पदार्थ न केवल उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न करते हैं बल्कि ये खाद्य सुरक्षा कानूनों का भी उल्लंघन हैं।
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सिखाया गया कि कैसे वे अपने घरों में या बाजार में मिलने वाले उत्पादों की जांच कर सकते हैं। उदाहरणस्वरूप, सूखे कीवी या हरी मटर जैसे उत्पादों का रंग असामान्य रूप से चमकीला या अत्यधिक गाढ़ा होने पर शक करना चाहिए। सौंफ के दानों में यदि रंग अलग-अलग या अत्यधिक गाढ़ा लगे तो वह भी मिलावट का संकेत हो सकता है।
विभाग ने यह भी सुझाव दिया कि लोगों को हमेशा प्रमाणित विक्रेताओं से ही खाद्य वस्तुएं खरीदनी चाहिए एवं किसी भी संदिग्ध स्थिति में उत्पादों की जांच के लिए विभागीय कार्यालयों से संपर्क करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा नियमों और मानकों का पालन कराने के लिए सरकार द्वारा नियमित निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
समारोह में हिस्सा लेने वाले नागरिकों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की जागरूकता गतिविधियाँ स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावटी खाद्य पदार्थ न केवल पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं, बल्कि लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
इस प्रकार तेलंगाना खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्यशाला खाद्य सुरक्षा के प्रति लोगों की समझ बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। विभाग ने कहा है कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियाँ जारी रहेंगी ताकि जनता को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जा सके।



