असम के मंकाचार में भाजपा की घुसपैठ की बयानबाजी से बढ़ी स्थानीय समस्याएं, भौगोलिक अलगाव, बेरोजगारी और मेघालय से तनाव

Mankachar, Assam
असम में 2023 के पुनरीक्षण अभ्यास के दौरान दक्षिण सलमारा-मंकाचार के दो विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर एक नया विधानसभा क्षेत्र मंकाचार नाम से बनाया गया है। यह क्षेत्र असम के दक्षिण-पश्चिमी कोने में स्थित है, जहां भूगोलिक अलगाव के कारण स्थानीय लोगों को कई विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस नए बदलाव के बीच, राजनीतिक बयानबाजी ने क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को और अधिक जटिल बना दिया है।
मंकाचार क्षेत्र में बेरोजगारी गहराती जा रही है। युवा वर्ग के लिए काम की तलाश यहां बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके साथ ही, भौगोलिक रूप से इस क्षेत्र का अलग होना और मेघालय सीमा से लगी जमीनी विवाद ने लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीमाई विवादों के कारण सुरक्षा और रोजमर्रा की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है।
राजनीतिक स्तर पर, भाजपा की कुछ घोषणाएं और बयान इस क्षेत्र में घुसपैठ को लेकर तीखे हुए हैं। भाजपा के कुछ नेता मंकाचार क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा प्रभाव बढ़ाने की बात करते हैं, जिससे स्थानीयता की भावना में तनाव पैदा हो रहा है। ऐसे वक्तव्य स्थानीय आवाम में असुरक्षा की भावना को जन्म दे रहे हैं और सामाजिक एकता को खतरे में डाल रहे हैं।
स्थानीय सामाजिक संगठनों का मत है कि राजनीतिक बयानबाजी की बजाय विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। मंकाचार क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसर आवश्यक हैं। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह सीमाई विवादों का समाधान कर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूगोलिक रूप से अलग और सीमाप्रदेशीय क्षेत्रों पर राजनीतिक बयानबाजी के नकारात्मक प्रभाव समाज की प्रगति में बाधा बन सकते हैं। वे अपील करते हैं कि सभी पक्ष पारस्परिक सम्मान और संवाद के जरिए क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान करें। तभी मंकाचार जैसे सीमाई एवं अलगावग्रस्त क्षेत्रों का विकास संभव होगा और स्थानीय लोग खुशहाल जीवन जी सकेंगे।



