“भगवान के द्वारा जो कहा गया वहीं भागवत है” — पं. नैतिक मिश्रा
घोरावल के सिद्धि गांव में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, यज्ञ और कथा में लिया भाग

घोरावल (सोनभद्र) | वरिष्ठ संवाददाता: राम अनुज धर द्विवेदी
घोरावल तहसील क्षेत्र के सिद्धि गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को धार्मिक माहौल देखने को मिला। सुबह विधि-विधान से मुख्य यज्ञाचार्य पं. हरीराम मिश्रा के नेतृत्व में आचार्यों द्वारा यज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया।
यज्ञ के दौरान यजमान प्रेमनाथ पांडेय द्वारा व्यास पीठ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। इसके बाद वृंदावन से आए मुख्य कथावाचक पं. नैतिक मिश्रा ने श्रीमद्भागवत कथा का विस्तार से वर्णन किया।

कथावाचक पं. नैतिक मिश्रा ने कहा कि “भगवान के द्वारा जो कहा गया, वही भागवत है”। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संगम है। कथा के दौरान धुंधकारी और गोकर्ण की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली और उसके कुल का भी कल्याण हुआ।

उन्होंने मानव जीवन की महत्ता बताते हुए कहा कि यह पंचतत्व से निर्मित शरीर अत्यंत दुर्लभ है, जिसे देवता भी प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति और सत्कर्म को अपनाना चाहिए।
वहीं कथावाचक पं. गणेशदेव पांडेय ने श्रीमद्भागवत महात्म्य की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति प्रतिदिन भागवत का पाठ करता है, उसे कपिला गाय के दान के समान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि आधे या चौथाई श्लोक का पाठ भी हजार गायों के दान के बराबर फल देता है, जबकि एक श्लोक का नियमित पाठ 18 पुराणों के पाठ के समान फलदायी होता है।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार मिश्र, कमलेश मिश्र, रवि चौबे, विशाल, रोहित, ईशु, उमाकांत, दिवाकर, अंकुल मिश्र, लवकुश पाठक, वेद प्रकाश मिश्र, मोहन तिवारी, सोहन तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित



