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अमेरिकी संघीय एजेंसियां ट्रम्प के एनथ्रोपिक प्रतिबंध को दरकिनार कर उसके उन्नत एआई मॉडल का परीक्षण कर रही हैं: रिपोर्ट

वॉशिंगटन, डी.सी. – अमेरिकी संघीय एजेंसियां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए एनथ्रोपिक पर प्रतिबंध को नजरअंदाज कर कंपनी के अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल का परीक्षण कर रही हैं। यह जानकारी हाल ही में एनथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने सेमाफोर वर्ल्ड इकोनॉमी कार्यक्रम में दी।

जैक क्लार्क ने सोमवार को कहा कि कंपनी ट्रम्प प्रशासन के साथ “मिथोस” नामक परियोजना पर चर्चा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल क्रांतिकारी एआई मॉडल के विकास और परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में और विशेष जानकारी साझा नहीं की कि किस प्रकार यह परीक्षण किया जा रहा है, या इसे लेकर प्रशासन का क्या रुख है।

एनथ्रोपिक एक प्रमुख अमेरिकी एआई कंपनी है, जो नैतिक और सुरक्षित एआई सिस्टम के निर्माण पर फोकस करती है। कंपनी ने हाल ही में कुछ उन्नत मॉडल विकसित किए हैं, जो प्राकृतिक भाषा समझने और जटिल निर्णय लेने में सक्षम हैं। लेकिन ट्रम्प सरकार ने इन्हें लेकर सुरक्षा और नीति संबंधी कारणों से प्रतिबंध लगाए थे, जिससे कंपनी और सरकारी एजेंसियों के बीच विवाद बढ़ गया था।

इसके बावजूद, विभिन्न संघीय एजेंसियां अब एनथ्रोपिक के इन मॉडलों का उपयोग करके परीक्षणों को आगे बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अमेरिकी एआई नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिशों को दर्शाती है।

क्लार्क के अनुसार, “मिथोस” परियोजना एआई के भविष्य को प्रभावित कर सकती है, और यह सरकार के विभिन्न विभागों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि एनथ्रोपिक की प्राथमिकता सुरक्षित, नैतिक और पारदर्शी एआई मॉडल बनाना है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अमेरिकी सरकार की एआई रणनीति में बदलाव का संकेत है। जबकि पूर्व प्रशासन ने कुछ प्रौद्योगिकियों पर कड़ा रुख अपनाया था, वर्तमान एजेंसियां नई संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए अधिक लचीला दृष्टिकोण अपना रही हैं।

इस बीच, उद्योग के विशेषज्ञ यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि एआई के विकास में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनी रहे, ताकि इन तकनीकों का दुरुपयोग न हो। एनथ्रोपिक की पहल से यह क्षेत्र और अधिक प्रतिस्पर्धी और नवोन्मेषी बनेगा।

इस खबर के सामने आने के बाद, आगे के अपडेट्स के लिए सभी का ध्यान इस बात पर टिका है कि यह सहयोग किस दिशा में जाएगा और इसके क्या परिणाम होंगे।

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