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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद ममता बनर्जी का बयान: ‘जान भी जा सकती थी’

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी शनिवार को चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित एक परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इस दौरान उन पर एक समूह ने हमला किया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। इस हमले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा है कि यह हमला जानलेवा था और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना के अनुसार, अभिषेक बनर्जी सोनारपुर के एक परिवार से मिलने पहुंचे थे, जो हाल ही में चुनावी हिंसा का सामना कर रहा था। उनका उद्देश्य था कि वे प्रभावित परिवार की स्थिति को समझें और उनकी समस्याओं को दरकिनार करके समाधान निकालें। लेकिन तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके ऊपर अचानक हमला बोल दिया। हमले के दौरान अभिषेक और उनके साथ आए कुछ सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए।

इस मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “अभिषेक पर हमला जानलेवा था। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो उनकी जान भी जा सकती थी। हम ऐसे तत्वों को किसी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे जो लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।” उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे घटना की जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाएं।

अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस ने कहा है कि इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। टीएमसी ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि यह विपक्षी राजनीतिक दलों या कुछ अन्य शक्तियों की साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य चुनावी हिंसा के बीच टीएमसी के नेताओं को डरा-धमकाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना है।

आंकड़ों के मुताबिक, चुनाव के बाद से सोनारपुर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की छोटी-मोटी हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। पुलिस ने इलाके में बढ़ती तनाव को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दिया है, ताकि स्थिति को शांति और नियंत्रित रखा जा सके।

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रभावित परिवार की मदद के लिए कार्यरत रहेंगे। उन्होंने सामाजिक एकता व लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।

इस पूरे मामले ने राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है और सभी राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील हुई है। राज्य प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि आगामी दिनों में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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