डुबटिया में ‘पेड़ हैं तो प्राण हैं’ अभियान बना जनआंदोलन, सैकड़ों परिवारों को वितरित किए गए आम के पौधे
ग्रामीणों ने पौधों की परिवार के सदस्य की तरह देखभाल का लिया संकल्प, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का दोहराया संकल्प

सोनभद्र | रिपोर्ट: क्षितीश चतुर्वेदी, सब तक एक्सप्रेस।
चतरा ब्लॉक के डुबटिया गांव में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में ‘पेड़ हैं तो प्राण हैं’ अभियान के तहत सैकड़ों परिवारों को आम के पौधे वितरित किए गए। इस दौरान ग्रामीणों ने पौधे लगाकर उनकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन का संरक्षक रहा है। किसी भी कीमत पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और आदिवासी परिवारों के विस्थापन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कार्यरत किसी भी कंपनी द्वारा पर्यावरण और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डुबटिया के युवा जितेंद्र लकड़ा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन उनकी पहचान हैं और उनकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं नगेन्द्र लकड़ा ने कहा कि पेड़, पानी और पहाड़ पूर्वजों की धरोहर हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
कार्यक्रम में राजा बाबू तिरकी, रामकरन गोण, तिरकी, लालबहादुर कुजुर, महेंद्र तिरकी, संतोष तिरकी, रामकेश, बलवंत, चम्पा देवी लकड़ा, अंकित, फुलवसिया लकड़ा, शांति लकड़ा, शीतल गोण, आशीष तिरकी, अनिल लकड़ा, दीपक कुजुर, श्रीकांत गोण, गणेश, अजीत सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।



