Goa Politics: 2027 चुनाव से पहले AAP और GFP ने मिलाया हाथ, ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन का ऐलान

पणजी, गोवा
गोवा विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में नया सियासी समीकरण बन गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और विजय सरदेसाई के नेतृत्व वाली गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) ने साथ आने का ऐलान किया है। दोनों दलों ने अपने गठबंधन को ‘गोवा फर्स्ट’ नाम दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस गठजोड़ को गोवा की जनता के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के मुकाबले एक ‘असली विकल्प’ बताया है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि गोवा के लोगों को ऐसी राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें राज्य और उसके हितों को प्राथमिकता दी जाए। दोनों दलों का यह गठबंधन आगामी विधानसभा चुनाव में मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।
भाजपा और कांग्रेस पर केजरीवाल का निशाना
गठबंधन की घोषणा के साथ ही अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ दिखाई देती हैं, लेकिन चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल जाते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि गोवा की जनता को पहले दो बार धोखा दिया जा चुका है और अब तीसरी बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने गोवा में हुए राजनीतिक दल-बदल और सरकार गठन से जुड़े घटनाक्रमों का हवाला देते हुए भाजपा और कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक समझ का आरोप लगाया।
‘गोवा फर्स्ट’ का क्या है लक्ष्य?
AAP और GFP के नए गठबंधन का मुख्य संदेश ‘गोवा को पहले’ रखने का है। केजरीवाल के मुताबिक, राज्य की जनता लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच विकल्प चुनती रही है, लेकिन अब उसके सामने एक तीसरा राजनीतिक विकल्प मौजूद होगा।
उन्होंने दावा किया कि ‘गोवा फर्स्ट’ केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं बना है, बल्कि गठबंधन का लक्ष्य गोवा में एक ईमानदार, स्थिर और जवाबदेह सरकार बनाना है।
कांग्रेस गठबंधन से बाहर
फिलहाल कांग्रेस को ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन में शामिल नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत में देरी और अतीत में कांग्रेस के विधायकों के भाजपा में शामिल होने से जुड़े घटनाक्रम इसके पीछे प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
हालांकि, AAP और GFP ने भविष्य के लिए दूसरे दलों के साथ सहयोग की संभावना पूरी तरह बंद नहीं की है। दोनों दलों का कहना है कि भाजपा को हराने के लिए समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ आगे बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है।
2027 चुनाव में दिखेगा असर
गोवा विधानसभा चुनाव 2027 में ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच भाजपा-कांग्रेस के मुकाबले प्रभावी विकल्प के रूप में स्थापित करने की होगी। AAP पहले भी गोवा की राजनीति में चुनाव लड़ चुकी है, जबकि GFP राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान रखती है।
अब दोनों दलों के एक साथ आने से आगामी चुनाव में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। हालांकि गठबंधन की चुनावी ताकत का वास्तविक आकलन उम्मीदवारों, सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति के स्पष्ट होने के बाद ही किया जा सकेगा।



