फ्लावियो बोल्सोनारो यूएस पहुंचे, सूत्रों के अनुसार

ब्राजील के राइट-विंग सीनेटर और पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो के पुत्र, फ्लावियो बोल्सोनारो 27 अक्टूबर को अमेरिका पहुंच गए हैं। यह जानकारी दो मीडिया संस्थानों ने बिना नाम बताए एक स्रोत के हवाले से दी है। फ्लावियो ने राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद यह कदम उठाया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया था।
देश छोड़ने का विवाद और जांच
फ्लावियो बोल्सोनारो पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिसके चलते वे संसद की सुरक्षा खो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके पासपोर्ट जब्त करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद वे अमेरिका पहुंच गए, लेकिन उनकी लैंडिंग स्थल अभी स्पष्ट नहीं है।
एक पुलिस सूत्र ने बताया कि उनके ब्राजीलियन और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं और देश छोड़ने का कोई औपचारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। फ्लावियो अप्रैल 2023 से इटली की नागरिकता भी रखते हैं जो उन्हें अमेरिका में प्रवास के लिए मददगार हो सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और स्थिति
फ्लावियो के चुनाव अभियान प्रबंधक रोजेरियो मारिन्हो ने कहा कि उन्हें उनकी जगह की कोई जानकारी नहीं मिली है और फ्लावियो ने मंगलवार सुबह एक मैसेज भेजा था कि वे कुछ समय बाद संपर्क करेंगे। वहीं ब्राजील के वर्तमान राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने देश छोड़ने को शर्मनाक कृत्य बताया।
अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि वे फ्लावियो और उनके परिवार को वीजा जारी करेंगे, हालांकि उन्होंने फ्लावियो की यात्रा की पुष्टि नहीं की है। फ्लावियो के बड़े भाई, एडुआर्दो बोल्सोनारो, जो अमेरिका में रहते हैं, ने भी फ्लावियो के देश छोड़ने का सुझाव दिया था।
राष्ट्रपति चुनाव में फ्लावियो को लूला ने 25 अक्टूबर को हराया था, लेकिन फ्लावियो ने अभी भी हार स्वीकार नहीं की है और चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने मतदान के दौरान पोलिंग घंटों की बढ़ोतरी को चुनाव में धांधली का आधार बताया है।
चुनाव परिणामों के खिलाफ फ्लावियो के आरोप और उनका देश छोड़ना ब्राजील की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े करता है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में विदेशी फंडिंग और सोशल मीडिया पर हस्तक्षेप के आरोपों की जांच भी शुरू कर दी है।
फ्लावियो बोल्सोनारो की राजनीतिक विरासत उनके पिता जैर बोल्सोनारो की नीतियों और विवादों से जुड़ी है। पूर्व राष्ट्रपति जैर के खिलाफ भी सत्ता हत्याचारी और न्यायिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं, जिनका अमेरिका प्रशासन ने समर्थन किया है।
इस घटनाक्रम से ब्राजील की आंतरिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर पड़ने की संभावना है। फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने के बाद उनकी आगे की राजनीतिक गतिविधियों और न्यायिक प्रक्रियाओं पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।




