
सब तक एक्सप्रेस।वासुदेव यादव।
अयोध्या। अवध क्षेत्र में शिक्षा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय द्वारा एक विशेष सम्मान एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने पाई फाउंडेशन और Vistamind के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे स्कूल प्रिंसिपलों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा छात्रों को स्कूल स्तर से ही उच्च शिक्षा के लिए तैयार करने के उपायों पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रिंसिपल एसोसिएशन के अध्यक्ष मणि शंकर तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजन स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बीच की दूरी को कम करते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। वहीं जीडी गोयनका स्कूल, अयोध्या के चेयरमैन मदन मोहन त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में स्कूल और विश्वविद्यालयों का मिलकर काम करना छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
विश्वविद्यालय की ओर से डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स रतीश गुप्ता ने कहा कि महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा को आधार बनाकर आधुनिक शिक्षा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है, न कि केवल रोजगार तक शिक्षा को सीमित रखना।
कार्यक्रम में हर्षवर्धन सिंह, संगीता शर्मा, सरित घोष, डॉ. विनय कुमार झा, अंशुमान देव गुप्ता और धर्मवीर यादव सहित कई शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट – वासुदेव यादव



