मजदूरों पर दमन के विरोध में वामदलों का प्रदर्शन
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मजदूरों के अधिकारों की उठाई मांग

सोनभद्र | वरिष्ठ संवाददाता राम अनुज धर द्विवेदी
संयुक्त वामदलों के आह्वान पर गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मजदूरों पर हो रहे कथित दमन के खिलाफ आवाज उठाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए एडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नोएडा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मजदूरों पर लाठीचार्ज, दमनात्मक कार्रवाई, फर्जी मुकदमों और शोषण के आरोप लगाए गए। साथ ही आठ घंटे कार्यदिवस, अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान और मजदूरी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा जिला सचिव आर. के. शर्मा ने कहा कि नोएडा में वेतन वृद्धि और बेहतर कार्यदशा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों पर की गई कार्रवाई श्रमिक विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। माकपा जिला मंत्री नंदलाल आर्या ने मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी और उनके परिजनों से मिलने पर रोक को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
खेत मजदूर यूनियन के नेता देव कुमार विश्वकर्मा ने प्रदेश में संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया, जबकि किसान सभा के नेता प्रेमनाथ ने सरकार पर जनआंदोलनों को बदनाम करने का आरोप लगाया। सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष विसंभर सिंह ने गिरफ्तार मजदूरों और नेताओं की तत्काल रिहाई तथा दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की।
वामदलों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों पर रोक न लगाई जाए, संगठनों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बंद हो तथा मजदूर संगठनों और सरकार के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



