फंड की कमी से रुकी बागपत की पेयजल योजना, गांवों में बढ़ी पानी की समस्या

Baghpat के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना फिलहाल अधूरी पड़ी हुई है। फतेहपुर पुट्ठी और दौझा गांवों में करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली पेयजल परियोजनाओं का निर्माण पिछले डेढ़ साल से बंद है।
जानकारी के अनुसार, दोनों गांवों में लगभग 274.88 लाख रुपये की लागत से जल निगम की ओर से परियोजनाएं शुरू की गई थीं। मार्च 2023 में कार्यदायी संस्था के साथ अनुबंध हुआ और सितंबर 2023 से काम शुरू किया गया। लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद निर्माण कार्य रुक गया।
परियोजनाओं के तहत बनने वाले ओवरहेड टैंक अब तक तैयार नहीं हो सके हैं। कई जगह निर्माण सामग्री खराब होने लगी है और अधूरी संरचनाएं जर्जर दिखाई देने लगी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजना का लाभ उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है। गांव में आज भी लोग पुराने हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक, फंड की कमी के कारण काम रुका हुआ है। शेष धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।



