IND vs SL Head To Head: भारत का पलड़ा भारी, फिर भी गॉल में क्यों फंसती है टीम इंडिया? 5 टेस्ट का रिकॉर्ड चौंकाएगा

गॉल, श्रीलंका
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट की जंग एक बार फिर शुरू होने जा रही है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम ने मुकाबले से पहले तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला है और ट्रेनिंग के जरिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
भारत के लिए यह सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह 2025-27 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा है और भारत को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए लगातार टेस्ट जीतने की जरूरत है।
हेड टू हेड में भारत सबसे आगे
भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैच जीते हैं। श्रीलंका के खाते में केवल 7 जीत हैं, जबकि 17 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
श्रीलंका की धरती पर भी टीम इंडिया का रिकॉर्ड बेहतर है। दोनों देशों के बीच वहां 24 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। भारत ने 9 मैच जीते हैं, श्रीलंका ने 7 मैचों में जीत हासिल की और 8 मुकाबले ड्रॉ रहे।
भारत ने 2017 में श्रीलंका को उसी की धरती पर 3-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। उस दौरे में गॉल टेस्ट भारत के लिए खास रहा था। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने मेजबान टीम को 304 रन से मात दी थी।
लेकिन गॉल में श्रीलंका की बादशाहत
पूरे रिकॉर्ड में भारत की बढ़त के बावजूद गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में तस्वीर बदल जाती है। दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर 5 टेस्ट खेले गए हैं।
इन 5 मुकाबलों में श्रीलंका ने 3 जीत हासिल की हैं, जबकि भारत 2 मैच ही जीत सका है। यानी गॉल में मेजबान टीम का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है।
2015 का मुकाबला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीलंका ने भारत को 63 रन से हराया था। भारत पहली पारी में मजबूत स्थिति में था, लेकिन दूसरी पारी में सिर्फ 112 रन पर आउट हो गया और मैच हाथ से निकल गया।
स्पिनरों की होगी बड़ी भूमिका
गॉल की परिस्थितियां स्पिन गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर स्पिन का प्रभाव बढ़ सकता है। इसलिए दोनों टीमों के स्पिनर मुकाबले का रुख तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भारत के लिए बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य की परीक्षा होगी। वहीं गेंदबाजी में भारतीय स्पिनरों को श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाना होगा।
भारत के तेज गेंदबाजी विभाग के सामने भी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने श्रीलंका की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों में गेंद के जल्दी नरम पड़ने की चुनौती का जिक्र किया है। साथ ही जसप्रीत बुमराह इस सीरीज में उपलब्ध नहीं हैं।
आंकड़े भारत के साथ, मैदान श्रीलंका के साथ
यही इस मुकाबले को दिलचस्प बनाता है। हेड टू हेड रिकॉर्ड भारत के पक्ष में है, श्रीलंका की धरती पर भी भारत आगे है, लेकिन गॉल में मेजबान टीम का रिकॉर्ड बेहतर रहा है।
अब देखना होगा कि शुभमन गिल की टीम 2017 के प्रदर्शन को दोहरा पाती है या गॉल एक बार फिर भारत के लिए मुश्किल मैदान साबित होता है।



