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दिल्ली AIIMS ने रचा इतिहास, 1000 रोबोटिक ऑपरेशन का पूरा हुआ लक्ष्य; स्वास्थ्य सेवा की बड़ी उपलब्धि

एम्स दिल्ली ने 1000 सफल रोबोटिक सर्जरी पूरी कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह सरकारी स्वास्थ्य सेवा में आधुनिक तकनीक की पहुंच को दर्शाता है, जो पहले निजी अस्पतालों तक सीमित थी। इस तकनीक से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, कैंसर और अन्य जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक व सुरक्षित होते हैं। इससे मरीजों को कम दर्द, तेजी से रिकवरी और बेहतर इलाज मिलता है, साथ ही युवा सर्जनों को प्रशिक्षण भी मिलता है।

HighLights

  1. एम्स ने 1000 सफल रोबोटिक सर्जरी का मील का पत्थर छुआ।
  2. सरकारी स्वास्थ्य सेवा में आधुनिक तकनीक की पहुंच बढ़ी।
  3. मरीजों को सटीक, सुरक्षित और तेजी से रिकवरी वाला इलाज।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान के सर्जिकल डिसिप्लिन्स विभाग ने सफल रोबोटिक सर्जरी में एक हजार का आंकड़ा छू लिया है।

यह उपलब्धि न सिर्फ एम्स के लिए, बल्कि देश की पूरी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए निर्णायक उपलब्धि मानी जा रही है। दावा है कि एक हजार रोबोटिक आपरेशन प्रमाण हैं कि आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आम मरीजों को भी अत्याधुनिक तकनीक का लाभ दिया जा रहा है।

बड़ी छलांग

अब तक रोबोटिक सर्जरी को देश में महंगे और निजी अस्पतालों तक सीमित माना जाता रहा है। ऐसे में एम्स राष्ट्रीय सरकारी संस्थान में 1000 रोबोटिक सर्जरी का आंकड़ा पार करने ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। साबित कर दिया है कि एम्स के उपलब्धि के आगे चिकित्सा संस्थान पीछे हैं।

एक दशक से हो रही रोबोटिक सर्जरी

एम्स शल्य चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डा. सुनील चंबर मंगलवार को संस्थान की इस उपलब्धि को सबके सामने रखेंगे। मिली जानकारी के अनुसार एम्स में रोबोटिक सर्जरी का आरंभ एक दशक से अधिक समय पहले चरणबद्ध हुई थी। शुरुआती दौर में इसे चुनिंदा जटिल सर्जरी तक सीमित रखा गया, लेकिन अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ-साथ इसका दायरा लगातार विस्तृत होता गया। अब रोबोटिक सर्जरी एम्स के सर्जिकल डिसिप्लिन्स विभाग का एक मजबूत और स्थापित हिस्सा बन चुकी है।

इनमें हो रहा उपयोग

एम्स में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और कोलोरेक्टल सर्जरी, कैंसर से संबंधित जटिल आपरेशन, लीवर, पैंक्रियास और पित्त नली की सर्जरी में रोबोटिक तकनीक का उपयोग हो रहा है।

प्रक्रियाएं

रोबोटिक तकनीक सर्जन को त्रि-आयामी दृश्य (थ्री डी) और अत्यंत सूक्ष्म नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे आपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित हो जाता है।

क्या बदला

रोबोटिक सर्जरी से उपचार पाने वाले मरीजों के अनुभव ने इसकी उपयोगिता को और मजबूत किया है। इस तकनीक से आपरेशन में चीरे छोटे होते हैं और दर्द कम होता है। खून का नुकसान कम होता है। संक्रमण का खतरा घटता है, मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटता है। एम्स में इसके होने देश के दूर-दराज इलाकों से आने वाले मरीजों को भी उच्च स्तरीय इलाज मिल पा रहा है।

शिक्षा और प्रशिक्षण

एम्स मात्र उपचार का ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और शोध का भी राष्ट्रीय केंद्र है। एक हजार रोबोटिक सर्जरी का अनुभव यहां के रेजीडेंट डाक्टरों और युवा सर्जनों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे नई पीढ़ी के डाक्टर अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीक में दक्ष हो रहे हैं और भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

एम्स का लक्ष्य केवल आंकड़े हासिल करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज को और अधिक लोगों तक पहुंचाना है। यही कारण है कि आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी के दायरे को और बढ़ाने, अधिक विभागों को जोड़ने और प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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