हीटस्ट्रोक को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर बोले- शरीर दे रहा होता है चेतावनी

नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ रही गर्मी अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि गर्मी में चक्कर आना या आंखों के आगे अंधेरा छाना साधारण कमजोरी नहीं, बल्कि हीटस्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी में रहता है, तो शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखता है, लेकिन डिहाइड्रेशन की स्थिति में यह प्रक्रिया काम करना बंद कर सकती है।
Dr. Praveen Gupta ने बताया कि हीटस्ट्रोक का असर सीधे दिमाग पर पड़ता है। शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने से दिमाग तक ऑक्सीजन और खून का प्रवाह कम हो सकता है। इससे भ्रम, चक्कर, मानसिक थकान और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, घबराहट, कमजोरी, चक्कर या आंखों के सामने अंधेरा महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार लोग इसे साधारण थकान समझ लेते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हीटस्ट्रोक केवल बाहर धूप में रहने से नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक गर्म कमरे में रहे और पर्याप्त पानी न पीए, तो वह भी इसकी चपेट में आ सकता है।
डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा खुले में काम करने वाले मजदूर, ट्रैफिक पुलिस और डिलीवरी कर्मचारियों में खतरा ज्यादा रहता है।
अगर किसी व्यक्ति का शरीर बहुत गर्म लगे, पसीना बंद हो जाए और वह बेहोश होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। मरीज को ठंडी जगह पर ले जाकर उसके शरीर को ठंडा करने की कोशिश करनी चाहिए।



