ग्राम बिछिया में जल संकट गहराया
हैंडपंप-नल सूखे, पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे ग्रामवासी

ब्यूरो चीफ : राहुल शीतलानी, उमरिया
उमरिया। नौरोजाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिछिया में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहरा गया है। गांव के अधिकांश हैंडपंप और नल सूख चुके हैं। पूरे क्षेत्र में केवल दो हैंडपंप ही चालू बताए जा रहे हैं, जिन पर सुबह से देर रात तक पानी भरने वालों की लंबी कतार लगी रहती है। भू-जल स्तर 300 फीट से नीचे चले जाने के कारण कई बोर भी फेल हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पीने के पानी के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सुबह 4 बजे से ही पानी भरने के लिए लाइन में लग जाते हैं। ग्राम पंचायत बिछिया क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़ा है, जिसके अंतर्गत एक गांव और पांच मोहल्ले आते हैं।
ग्राम पंचायत बिछिया के अंतर्गत आने वाले महोबा दादर में लगभग 100 घरों के आदिवासी परिवार निवास करते हैं। यहां के हैंडपंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं और पानी की जगह हवा उगल रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए करीब 15 किलोमीटर दूर डिंडोरी जिले के ग्राम बुढ़न जाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनका पूरा दिन पानी लाने में ही निकल जाता है। एक ओर सरकार हर घर नल-जल योजना के तहत पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर महोबा दादर की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
कालोरी टोला में रहने वाले लगभग 40 आदिवासी परिवारों को भी पानी के लिए करीब 3 किलोमीटर दूर ग्राम बिछिया के स्कूल मोहल्ले में स्थित एकमात्र चालू हैंडपंप तक जाना पड़ता है। स्कूल मोहल्ले के निवासी रात में अपने लिए पानी भर लेते हैं और दिन में कालोरी टोला के लोगों के लिए हैंडपंप खाली छोड़ देते हैं ताकि उन्हें परेशानी न हो।
इसी तरह डोंगरीटोला और खुरी टोला के लोगों को भी पानी के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी छुली टोला के भूमिया परिवारों को हो रही है, जहां करीब 30 घरों के लोग पानी के लिए खतरनाक घाट उतरकर जोहिला नदी तक पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी पानी के लिए तरस रहे हैं। कई लोगों ने अपने मवेशियों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। गांव के तालाब और कुएं भी पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे निस्तारी का संकट भी गहरा गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पेयजल व्यवस्था कराने और खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने की मांग की है।



