यूपी के कई जिलों में 31 मई तक आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, अब तक 13 की मौत
पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदला, तेज बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित

सब तक एक्सप्रेस | लखनऊ
उत्तर प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के कारण लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है। हालांकि खराब मौसम ने कई स्थानों पर जान-माल का नुकसान भी पहुंचाया है। विभिन्न हादसों में अब तक 13 लोगों की मौत की खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, अलीगढ़, हमीरपुर, महोबा और झांसी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजधानी लखनऊ में देर रात तेज आंधी और बारिश हुई। चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर टिन शेड गिरने से दो यात्री घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आईएमडी ने लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
सहारनपुर के शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में अचानक नदी में पानी बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव में वाहन और दुकानें बह गईं। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया।
प्रयागराज में तेज आंधी के कारण अस्थायी डिवाइडर और ग्रीन शेड गिर गए, जबकि कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। प्रतापगढ़ में टिन शेड का पिलर गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं कौशांबी में पेड़ गिरने से एक मकान ढह गया, जिसमें महिला सहित दो बच्चों की जान चली गई। रायबरेली में भी पेड़ गिरने से एक महिला की मौत और उसकी बेटी घायल हो गई।
हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान गिर गया। स्लैब के नीचे सो रहे छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनाओं का संज्ञान लेते हुए हमीरपुर हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को जनहानि और आर्थिक नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर प्रभावित लोगों को राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने को कहा है।



