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यूनियन पावर मंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार से समय पर बकाया राशि निपटाने और प्रीपेड मीटरिंग की ओर बदलाव की बात कही

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। देश के युनियन पावर मंत्री मनोहर लाल ने पश्चिम बंगाल सरकार से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) पर दबाव कम करने के लिए समय पर बकाया राशि निपटाने का आग्रह किया है। उन्होंने इसके साथ ही स्मार्ट मीटरों के शीघ्र क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।

मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता है, जिससे बकाया राशि का नियमित निपटान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल वितरकों की आर्थिक समस्या कम होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा भी मिल सकेगी।

मनोरथ यह भी जताया गया कि प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली को तेजी से लागू करना जरूरी है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा और बिजली चोरी जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे अनावश्यक खर्चों में कमी आती है।

मनोहर लाल ने कहा, “प्रीपेड मीटरिंग सिस्टम से न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा होगी, बल्कि डिस्कॉम्स को भी अपने भुगतानों की स्थिति स्पष्ट होगी। यह एक पारदर्शी व्यवस्था बनाएगी, जिससे कनेक्शन में बिजली चोरी और बकाये की समस्या समाप्त होगी।”

पश्चिम बंगाल सरकार से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे इस दिशा में उचित कदम उठाएं और बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय स्थिति सुधारने में सहयोग करें। राज्य सरकार को स्मार्ट मीटरिंग की स्थापना में तेजी लानी होगी और उपभोक्ताओं की जागरूकता बढ़ानी होगी ताकि वे इस तकनीक को अपनाएं।

देश भर में बिजली वितरण कंपनियां बकाया राशि के कारण कई वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में जब सरकार बिजली क्षेत्र को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है, स्मार्ट मीटर तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

केंद्र सरकार ने भी ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटलकरण और स्मार्ट ग्रिड के विकास को प्राथमिकता दी है। मनोहर लाल के इस बयान से स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों को जल्द से जल्द इस दिशा में कार्रवाई करनी होगी ताकि बिजली आपूर्ति में सुधार हो सके और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।

अंततः, समय पर बकाया राशि के निपटान और प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के व्यापक क्रियान्वयन से न केवल बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर और स्थिर बिजली सेवा भी उपलब्ध होगी। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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