टेक्सटाइल सेक्टर के तहत PLI योजना में 22 और आवेदकों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली, भारत
सरकार ने टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए उत्पादकता बढ़ाने की योजना के तहत 22 और आवेदकों को उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) के तहत मंजूरी प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य देश के टेक्सटाइल उद्योग को मजबूत करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार लाना है।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा निर्मित सूचित उत्पादों का अनुमानित कारोबार ₹15,561.34 करोड़ होगा। इसके साथ ही यह परियोजना टेक्सटाइल मूल्य श्रृंखला में लगभग 36,217 नौकरियों का सृजन करेगी।
पिछले वर्षों में भारत की टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना (PLI) सबसे महत्वपूर्ण है। यह योजना उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद निर्माण और निर्यात हितों को संतुलित करने में सहायक है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े निवेश से कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर उत्पादन, प्रसंस्करण, और विपणन तक पूरे चेन में सुधार की उम्मीद है।
वहीं, उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि PLI योजना से भारतीय टेक्सटाइल उद्योग में तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, जिससे देश वैश्विक बाजार में अपनी पैठ मजबूत कर सकेगा। साथ ही, घरेलू बाजार की मांग को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात में भी वृद्धि होगी।
वीरांगना टेक्सटाइल, नवभारत टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड, और शुद्ध कपास उद्योग लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियों को इस योजना के तहत लाभ मिलेगा, जिनसे उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार की यह पहल भारत को विश्व स्तर पर टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। भविष्य में भी ऐसी योजनाओं से स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलती रहेगी, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगी।



