GDP Growth Rate: अप्रैल-जून में 8% रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ, SBI ने RBI के अनुमान को दी चुनौती

नई दिल्ली, दिल्ली
भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बड़ा अनुमान लगाया है। SBI की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP Growth Rate 8 प्रतिशत तक रह सकती है। पहली तिमाही में अप्रैल से जून तक की अवधि शामिल होती है। SBI का यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है।
SBI ने अपने आकलन के लिए खपत और मांग से जुड़े 50 प्रमुख आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े 86 प्रतिशत संकेतकों में तेजी दिखाई दी है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह अनुपात 69 प्रतिशत था। इस बदलाव को अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पिछले वित्त वर्ष में 6.8% रही थी पहली तिमाही की वृद्धि
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वहीं वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही यानी जनवरी-मार्च में वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। इस पृष्ठभूमि में SBI का 8 प्रतिशत का नया अनुमान अर्थव्यवस्था में विकास की रफ्तार बने रहने का संकेत देता है।
SBI की रिपोर्ट में मांग और खपत की स्थिति को भी सकारात्मक बताया गया है। घरेलू बाजार में मांग मजबूत रहने से उत्पादन और सेवा गतिविधियों को समर्थन मिलता है। इससे आर्थिक विकास को गति मिलने की संभावना रहती है।
पूंजीगत खर्च बढ़ने से निवेश को सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारों के पूंजीगत खर्च में भी पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले तेजी दिखाई दी है। सरकारों द्वारा बुनियादी ढांचे और अन्य पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च बढ़ने से निवेश गतिविधियों को समर्थन मिल सकता है।
इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र से मिलने वाले ऋण में भी सुधार का उल्लेख किया गया है। पिछले साल की तुलना में बैंकों के ऋण वितरण में बढ़ोतरी हुई है। कारोबार और निवेश के लिए ऋण की उपलब्धता बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना रहती है।
दूसरी तिमाही में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
SBI ने दूसरी तिमाही के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मानसून के दौरान बेहतर बारिश होने से कृषि गतिविधियों को फायदा मिल सकता है। इसका असर ग्रामीण आय और मांग पर पड़ सकता है। ग्रामीण मांग में मजबूती का फायदा उपभोक्ता वस्तुओं से लेकर विभिन्न सेवा क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि 8 प्रतिशत का आंकड़ा SBI का अनुमान है। GDP की वास्तविक वृद्धि दर आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद ही सामने आएगी। फिर भी मौजूदा संकेतक भारत की अर्थव्यवस्था के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की मजबूत शुरुआत की संभावना दिखा रहे हैं।



