कर्नाटक सीएम शिवकुमार पर साजिश का आरोप, कैबिनेट को चेतावनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को बताया कि उनके खिलाफ एक “स्टिंग ऑपरेशन” करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि जून में पद ग्रहण करने के बाद से ही उन्हें फंसाने के प्रयास हो रहे हैं और उनके पास इसके सबूत भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं जिम्मेदार पद पर हूं और बिना वजह कुछ नहीं कहता। मुझे पता है कि इस साजिश के पीछे कौन है, कौन वित्तीय मदद दे रहा है और पूरा प्लान कैसे बनाया गया है।”
स्टिंग ऑपरेशन और राजनीतिक विरोध
शिवकुमार ने कैबिनेट सदस्यों को संभावित स्टिंग ऑपरेशन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने ‘हनी ट्रैप’ और अश्लील वीडियो को लेकर सतर्कता बरतने को कहा। यह आरोप यूं तो राज्य में पहले भी लगे हैं, जिनमें कुछ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को निशाना बनाने की बातें भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसाने वाले लोग उनसे मिलने कुछ महत्वपूर्ण चर्चा करने का बहाना बना कर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेताओं ने ऐसे “हायर किए हुए” लोगों को यह काम सौंपा है।
राजनीतिक तनाव और जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी स्टिंग ऑपरेशन की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि यदि यह साजिश सच है तो इसमें शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की भी अपील की।
कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह बात कि उन्हें मास्टरमाइंड का पता है, केवल ध्यान भटकाने के लिए है, क्योंकि उनसे बंगलुरु के बाहरी इलाके में जमीन अधिग्रहण के आरोप भी लगे हैं।
उन्होंने legislature में जेडीएस के वरिष्ठ नेता के.एन. राजन्ना के हवाले से बताया कि 40 से 48 नेताओं को इस तरह से निशाना बनाया गया है और इसमें सरकार के कुछ लोग शामिल हो सकते हैं। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को फंसाने का प्रयास हुआ था तो इसकी जांच क्यों नहीं हुई।
कर्नाटक में ऐसे स्टिंग ऑपरेशन और हनी ट्रैप के मामलों की शिकायतें नई नहीं हैं। पिछले साल मार्च में गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस पर उच्च स्तरीय जांच की बात कही थी। कई वरिष्ठ नेता और मंत्री कथित हनी ट्रैप का शिकार बन चुके हैं।
राजनीतिक माहौल में यह सामान्य बात हो गई है कि सामाजिक मीडिया और टीवी चैनलों पर विवादित वीडियोज़ नज़र आ जाते हैं। 2021 में राहुल जारकिहोली से जुड़े अश्लील वीडियो भी चर्चा में रहे थे, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके अलावा कुछ मंत्रियों को न्यायालय से सुरक्षा आदेश भी मिले थे।




