नोएडा बस आग: यात्रियों ने जलने की गंध पर चालक को चेतावनी दी; वाहन पर ₹1.59 लाख के 17 चालान बकाया

यमुनानगर एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह लगी एक बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले यात्रियों ने चालक और कंडक्टर को जलने की गंध का संकेत दिया था, पर वे घटना को गंभीरता से नहीं ले सके। यह आग नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब पांच किलोमीटर पर लगी।
यात्रियों ने आग की गंध पर जताई चिंता
बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे जो दिल्ली के कश्मीरी गेट से प्रस्थान कर रही थी। यात्रियों ने बार-बार जलने की गंध के बारे में चालक और कंडक्टर को बताया, लेकिन वे मुंह फुलाकर बात टालते रहे। मौके पर चालक ने बस रोकने से इनकार कर दिया और कहा, ‘मरना हो तो मर जाओ, बस को नहीं रोकेंगे।’
आग लगने का कारण अभी जांच के अधीन है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी के कारण चिंगारी लगी, जिससे इंजन के तेल में आग फैल गई।
बस के रिकॉर्ड और चालान की जानकारी
रजिस्टर्ड बिहार की राज कल्पना ट्रेवल्स की यह डबल-डेक्कर स्लीपर बस पहले से ही 17 चालानों के लिए बकाया थी, जिनकी कुल राशि ₹1.59 लाख से अधिक है। अप्रैल 2023 से अगस्त 2026 के बीच दिल्ली और यूपी में बस पर 55 चालान दर्ज थे, जिनमें बिना लाइसेंस वाहन चालन, अनुमति नियमों का उल्लंघन, तेज गति से वाहन चलाना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी शामिल है।
मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बस पर बड़े पैमाने पर कॉस्मेटिक सामग्री रखी गई थी, जो यात्री बस में ले जाने की अनुमति नहीं होती। बस की ऊंचाई 4.1 मीटर थी, जो मानक से अधिक है।
पुलिस ने बताया कि आग लगने के बाद बस में धुआं फैल गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्री फंसे रहे। मौके से कम से कम 20 यात्रियों को बचाया गया, जबकि नौ की जले और सांस फूलने से मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राहत राशि भी घोषित की गई है।
चालक और कंडक्टर को हिरासत में लिया गया है और उन पर हत्या के आरोप समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में यात्रियों के आरोपों की भी समीक्षा की जाएगी।
यह हादसा वाहन सुरक्षा नियमों का पालन न करने और चालक दल के लापरवाही के कारण हुआ माना जा रहा है। प्रशासन ने आगे इस घटना के सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।




