पंजाब में मद संधू की हत्या और सोशल मीडिया पोस्ट गायब होने की घटना

अमृतसर के लोहरका रोड पर रविवार शाम एक दुखद घटना हुई जब प्रसिद्ध LGBTQA+ इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मद संधू की हत्या कर दी गई। यह घटना शनिवार को हुई, जब कुछ बाइक पर सवार अज्ञात ज़елов ने उन पर गोलियां चला दीं। इस हत्या ने पंजाब में अंतर्निहित जातीय और सामाजिक तनावों को उजागर कर दिया है।
सोशल मीडिया पोस्ट्स की उलझन और जांच
मृत्यु के एक दिन बाद, कई सोशल मीडिया पोस्ट्स सामने आईं, जिनमें मद संधू की हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी। हालांकि, ये पोस्ट अब गायब हैं। एक पोस्ट एक सोशल मीडिया हैंडल गोल्डी ढिल्लों से जुड़ी बताई गई थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है, और अलग-अलग कोणों से जांच को आगे बढ़ा रही है। अमृतसर के पुलिस कमिशनर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा है कि वे इन पोस्ट्स की प्रमाणिकता की जांच कर रहे हैं, क्योंकि ये पोस्ट विदेश से आ रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह जांच सही दिशा में है और जल्दी ही इसका हल निकलेगा।
पंजाब की एलजीबीटीक्यूए+ इतिहास और प्रतिक्रिया
मद संधू लगभग 2,32,000 इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ एक विख्यात पहचान थे। वह मेन लेन यूनिसेक्स सैलून के संस्थापक भी थे और कई फिल्मों, गीतों और वेब सीरीज में भी नजर आए। उनके साथ हुए इस दर्दनाक हादसे ने पंजाब के LGBTQA+ समुदाय और राजनीतिक पटल पर गहरी प्रतिक्रिया जगाई है।
चंडीगढ़ के Queering मेंबर मनु ने कहा कि यह पहला ऐसा मामला है जो पंजाब में LGBTQA+ समुदाय के खिलाफ अपराध का रूप लेता है, जबकि यह समुदाय पिछले कई वर्षों से भेदभाव सह रहा है। उनका कहना है कि सिख धर्म के सिद्धांतों के विरुद्ध ऐसे लोग हैं जो अपने नजरिए से भटकाव करते हैं।
दूसरी ओर, पंजाब यूनिवर्सिटी की पहली ट्रांसजेंडर छात्रा धनंजय चौहान ने कहा कि पंजाब में समलैंगिक इतिहास सदियों पुराना है, जैसे सूफी कवि शाह हुसैन और उनके साथी मदहो लाल का प्रेम। उनका मानना है कि मद संधू की हत्या से समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी, खासकर जब भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2024 में लागू हुई है और इसने एलजीबीटीक्यूए+ लोगों को सुरक्षा नहीं दी है।
पंजाब फेमिनिस्ट यूनियन ऑफ स्टूडेंट्स की सदस्य हरपुनीत कौर ने भी इस मामले पर चिंता जताई। वह कहती हैं कि पंजाब के क्वीयर समुदाय पर धमकियां और विरोध पहले से ही चल रहे हैं, और इस हत्या से समुदाय की स्थिति और भी कमजोर होगी। उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता पर आधारित सिख धर्म की मूल शिक्षा का हवाला देते हुए भेदभाव के विरोध में आवाज उठाई।
घटना ने पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में वृहद पैमाने पर चर्चा छेड़ दी है, जहाँ समान अधिकार और सुरक्षा की मांग तेज हो रही है। सामाजिक समूह और मानवाधिकार संस्थाएं पीड़ित समुदाय के लिए न्याय और सुरक्षा की मांग कर रही हैं। पुलिस की चल रही जांच से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।




