
शैलेंद्र यादव, विशेष संवाददाता
सीतापुर। मीडिएशन एवं कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर आशीष जैन के मार्गदर्शन में शुक्रवार को मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र, सीतापुर का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर के सचिव विजय भान दोपहर करीब 1 बजे केन्द्र पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केन्द्र की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों की स्थिति तथा मध्यस्थ अधिवक्ताओं की उपलब्धता की समीक्षा की।

केन्द्र पर तैनात लिपिक वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि सुलह समझौता केन्द्र सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। न्यायालयों से प्रतिदिन पर्याप्त संख्या में पत्रावलियां प्राप्त हो रही हैं तथा योग्य मध्यस्थ अधिवक्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित की गई है।
निरीक्षण के दौरान सचिव विजय भान ने स्वयं उपस्थित वादकारियों से संवाद किया और पारिवारिक मामलों में समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर 5 पति-पत्नी जोड़ों के बीच सुलह वार्ता कराई गई, जिनमें से 3 मामलों में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इन दंपत्तियों ने आपसी सहमति से पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल को पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मध्यस्थता केन्द्र न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करने के साथ-साथ टूटते रिश्तों को जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।



